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हिन्दी ब्लोगिंग वर्जीनिया रेडियो पर

सुनिये वर्जीनिया रेडियो पर अनुराग द्वारा आयोजित हिन्दी ब्लोगिंग वार्ता में देबाशीष, ईस्वामी, शुकुल जी और अनुराग के बीच हुई बातचीत। बीच में हम ने भी ट्राई मारा था अपनी टांग अडाने का लेकिन कामयाब नही हो पाये तो जिस दौरान हम स्काईप पर कनेक्टेड थे उतने समय की बातचीत रिकार्ड नही कर पाये, अन्यथा [...]

[ More ] January 27th, 2007 | 21 Comments | Posted in जरा हट के |

हम भी बन गये फिल्मकार

जी हाँ, आखिर हम भी फिल्मकार बन ही गये। अगर यकीन नही आ रहा तो हमारी आने वाली फिल्म का ये ट्रैलर देखिये जरूर यकीन आ जायेगा। आप लोग जरूर जानना चाहेंगे कि अपनी जमी जमायी नौकरी छोड हम फिल्म के चक्कर में कहाँ फंस गये, तो भैय्या नौकरी तो हम छोडने से रहे। फिल्म [...]

[ More ] January 21st, 2007 | 14 Comments | Posted in फिल्म और खेल |

यस्टरडे आफॅ 29 मार्च

अब तक हम बहुत सारी बातें यूँ हीं जाया कर चुके हैं, लेकिन इस बार हमने सोच ही लिया कि अपने लिटिल ड्रैगन की बातों को अपनी पोस्ट में जगह देनी ही है। आखिर बच्चों की निठल्ली बातें निठल्ला चिंतन में नही होंगी तो कहाँ होंगी। कुछ महीनों पहिले हमने अपने साहेबजादे को समझाया था [...]

[ More ] January 17th, 2007 | 6 Comments | Posted in लिटिल ड्रैगन |

अपराध बोध

अध्याय १: भयानक रातें रात का अंधेरा चारों ओर फैला हुआ था, रात के सन्नाटे को चीरती किसी उल्लू की आवाज कभी-कभी सुनायी पड़ रही थी। दूर दूर तक कुछ नजर नही आ रहा था, अशोक के कदम बड़ी तेजी से घर की तरफ बढ़ रहे थे। अचानक आसमान में बड़ी तेजी से बिजली कड़की [...]

[ More ] January 12th, 2007 | 7 Comments | Posted in कथा कहानी |

पैसा भेजो मोबाइल से

जी हाँ, बिल्कुल सही सुना आपने जल्दी ही आप बैंक के बजाय अपने मोबाइल फोन को पैसा भेजने (मनी ट्रांसफर) के काम ला सकते हैं। पहले यही काम के लिये आपको पोस्ट आफिस जाना पडता था, फिर बैंक के चक्कर लगाने शुरू किये, उसके बाद आया वेस्टर्न यूनियन टाईप की कम्पनियों का दौर या इंटरनेट [...]

[ More ] January 10th, 2007 | 7 Comments | Posted in ज्ञान विज्ञान |

हुआ, ना आश्चर्य!

अगर आप सोच रहे हैं कि कठोर सिंह नोएडा विजिट कर आयें हैं तो आप गलत हैं, ये कोई आश्चर्य की बात नही। सोचियेगा भी मत कि अमर सिंह समाजवादी पार्टी छोड कांग्रेस या बीजेपी ज्वाइन करने का मन बना लिये हैं, क्या कहा आपने अपनी सरकार मेट्रो लेवल के शहर छोड छोटे छोटे शहरों [...]

वाह! इनका क्या कहना

अभी अभी ये खबर पढ‌ी, वैसे कठोर सिंह से ज्यादा उम्मीद तो ना कभी थी ना कभी होगी लेकिन गद्दी के लिये कोई यहाँ तक जा सकता है पता ना था। नोएडा विजिट करने वाला कोई भी मुख्यमंत्री दुबारा मुख्यमंत्री नही बना आंकडे यही कहते हैं इसलिये कठोर सिंह ने नोएडा से किनारा करना ही [...]

[ More ] January 4th, 2007 | 12 Comments | Posted in राजनीति |

जी टी वी न्यूज: एकदम बकवास

जब बरदास्त से बाहर हो गया तो सोचा चलो आज इस बारे में लिख ही लिया जाय। अमेरिका में जी टी वी ३ बार ३० मिनट के न्यूज प्रोग्राम देता है, सुबह ८ बजे का तो पता नही लेकिन शाम ६:३० बजे और रात के १०:३० बजे की खबर देख के खबर बचकानी ही लगती [...]

[ More ] January 2nd, 2007 | 11 Comments | Posted in खालीपीली |

कुछ यूँ ही

पिछले कुछ दिनों में काफी कुछ घट गया, एक तानाशाह को आनन फानन फांसी दी गयी। सद्दाम के बारे में (जीवन चक्र) जब जी टीवी में बता रहे थे वो सब देखने के बाद बरबस मुझे अनुपजी की एक पोस्ट का टाईटल याद आ गया, ‘ऐसा कोई सगा नही जिसको हमने ठगा नही’। दूसरी खबर, [...]

[ More ] January 1st, 2007 | 1 Comment | Posted in खालीपीली |