सुनिये वर्जीनिया रेडियो पर अनुराग द्वारा आयोजित हिन्दी ब्लोगिंग वार्ता में देबाशीष, ईस्वामी, शुकुल जी और अनुराग के बीच हुई बातचीत। बीच में हम ने भी ट्राई मारा था अपनी टांग अडाने का लेकिन कामयाब नही हो पाये तो जिस दौरान हम स्काईप पर कनेक्टेड थे उतने समय की बातचीत रिकार्ड नही कर पाये, अन्यथा […]

जी हाँ, आखिर हम भी फिल्मकार बन ही गये। अगर यकीन नही आ रहा तो हमारी आने वाली फिल्म का ये ट्रैलर देखिये जरूर यकीन आ जायेगा। आप लोग जरूर जानना चाहेंगे कि अपनी जमी जमायी नौकरी छोड हम फिल्म के चक्कर में कहाँ फंस गये, तो भैय्या नौकरी तो हम छोडने से रहे। फिल्म […]

अब तक हम बहुत सारी बातें यूँ हीं जाया कर चुके हैं, लेकिन इस बार हमने सोच ही लिया कि अपने लिटिल ड्रैगन की बातों को अपनी पोस्ट में जगह देनी ही है। आखिर बच्चों की निठल्ली बातें निठल्ला चिंतन में नही होंगी तो कहाँ होंगी।
कुछ महीनों पहिले हमने अपने साहेबजादे को समझाया था कि […]

अध्याय १: भयानक रातें  
रात का अंधेरा चारों ओर फैला हुआ था, रात के सन्नाटे को चीरती किसी उल्लू की आवाज कभी-कभी सुनायी पड़ रही थी। दूर दूर तक कुछ नजर नही आ रहा था, अशोक के कदम बड़ी तेजी से घर की तरफ बढ़ रहे थे। अचानक आसमान में बड़ी तेजी से बिजली कड़की थी, […]

जी हाँ, बिल्कुल सही सुना आपने जल्दी ही आप बैंक के बजाय अपने मोबाइल फोन को पैसा भेजने (मनी ट्रांसफर) के काम ला सकते हैं। पहले यही काम के लिये आपको पोस्ट आफिस जाना पडता था, फिर बैंक के चक्कर लगाने शुरू किये, उसके बाद आया वेस्टर्न यूनियन टाईप की कम्पनियों का दौर या इंटरनेट […]

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