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चुनाव का दौर

कृपया इस पोस्ट को अन्यथा ना लें आप चाहें तो सीरियसली ले सकते हैं लेकिन अन्यथा तो कतई नही अरे ये देश के चुनाव की बात नही हो रही बल्कि उस चुनाव की बात हो रही जिसके लिये कुछ नौसिखिये (चुनाव लडने की शर्त ही ये ही है , २००६ से लिखना शुरू किया हो) [...]

मिस अमेरिकाः थोडी सी जो पी ली है

नमक हलाल का ये गीत मिस अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप दोनो मिलकर गा रहे हैं। अब आप कहेंगे इन दोनों को हिन्दी तो आती नही कैसे गा सकते हैं। बिल्कुल सही, हम आपको राम कहानी सुना देते हैं आपको पता लग जायेगा। तो जनाब हुआ यों कि इस बार की मिस अमेरिका बनी हैं तारा [...]

[ More ] December 22nd, 2006 | 2 Comments | Posted in खबर गरमागरम |

चिट्ठागिरीः एक ओर चर्चा

(अपने चिट्ठाचर्चा के बन्धुओं से क्षमा याचना सहित करते हैं शुरूआत एक नये अध्याय की।) चिट्ठाचर्चा रूपी सीरियल के ऐपिसोड में अपने पोस्ट रूपी रोल (चरित्र) को अंत में छोटी सी जगह दिये जाने और कभी कभी केंची चलाये जाने से क्षुब्ध हम जा पहुँचे भाई के पास। भाई? हाँ भाई बोले तो, बोले तो [...]

[ More ] December 20th, 2006 | 3 Comments | Posted in खालीपीली |

फायरफोक्स के लियेः नारद और पहाडी शब्दकोश सर्च प्लगिन

इस पोस्ट के साथ निठल्ला चिंतन में भी कुछ ज्ञान विज्ञान की बातों का सिलसिला शुरू हो गया है। खाली वक्त का थोडा सदुपयोग करते हुए मैने ये सर्ड के ये दो प्लगिन बनाये, एक अपनी नयी साईट पहाडी शब्दकोश के सर्च के लिये और दूसरा अपने नारद के लिये। ये सिर्फ फायरफोक्स और नेटस्केप [...]

[ More ] December 18th, 2006 | 3 Comments | Posted in ज्ञान विज्ञान |

तेरे नाम

तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा कि ही तर्ज पे थोड‌ा घुमा के कांग्रेस पार्टी ने बोल ही दिया, “तुम हमें वोट दो हम तुम्हें देश के संसाधनों के उपयोग का पहला हक देंगे”। गोया भारत के संसाधन कांग्रेस पार्टी की जागीर हों। माना कि राजप्रथा की तरह इस पार्टी में भी वंशज [...]

[ More ] December 13th, 2006 | 5 Comments | Posted in धर्म, राजनीति |

चलो कुछ जलाया जाय

अगर आप ये सोच रहे हैं कि हम बिजली वगैरह जलाने की बात कर रहे हैं तो गलत सोच रहे हैं क्योंकि जलाया तो उसे ही जाता है जो होता है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कुछ बात नही होती फिर भी लोग आ जाते हैं कुछ ना कुछ जलाने। अब देखिये ना [...]

[ More ] December 4th, 2006 | 5 Comments | Posted in खालीपीली, बस यूँ ही |