जयचंद आला रे

आप भी सोच रहे होंगे ये जयचंद कौन है और कहाँ से आ रहा है, सोचने वाली बात ही नही है जाहिर सी बात है अपने ही देश में होगा। खबर में सुना देता हूँ, डिसाईड आप खुद कर लीजिये।

मुम्बई पुलिस ने सिमी (स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट आफॅ इंडिया) को संदिग्धों की लिस्ट में डाला है (उनके काम ही ऐसे हैं)। लेकिन उनके बचाव में उल्टा प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद आगे आये हैं, जनाब ने क्लिन चिट दी है सिमी को। उनके छोटे भाई (सरकारी काम, ऊर्जा और कृषि मंत्री) दो हाथ आगे थे, बोले “पहले सरकार सारे आतंकवादी संगठन को बेन करले फिर सिमी के बारे में बात करे”। अब भईया सिमी को आतंकी बोल दिया तो वोट गये हाथ से, उनकी तरफदारी की तो वोट यानि सरकार और जान दोनों सलामत, है ना एक तीर से दो शिकार। अब उल्टा प्रदेश में यहाँ या वहाँ धमाके हुए तो कह देंगे विपक्षी पार्टियों का हाथ है।

वैसे आप में से किसी को मालूम है उस जयचंद का क्या हुआ था, नाम तो पढ़ा था अंजाम याद नही। फिलहाल तो आप खुद जांचिये जयचंद आला रे या नही।

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Tarun
निठल्ला चिन्तन एक आक्रौश है विचारों की आंधी का, एक द्वंद है सच और झूठ का, एक भावना है प्यार की, एक तमन्ना है आकाश छूने की, कुछ कहने की और कुछ अनकही छोड़ देने की; संक्षेप में कहूँ तो ये है थोड़ी मस्ती थोड़ा चिंतन।

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6 Responses to “ जयचंद आला रे ”

  1. यह वेट की रकनीति का निकृष्टतम स्वरूप हैं. गद्दार समझे की देश ही नहीं रहेगा तो राज किस पर करोगे.

  2. गलती मुलायम सिंह की नही है, जनता की है जो ऐसे कमीनो को वोट देती है।
    मुलायम सिंह को तो भरे बाजार चप्पलो से मारना चाहिये। मुलायम हो, अर्जुनसिंह सब गद्दार भरे हैं !

  3. आशीष भाई,
    इतनी आसान सज़ा, भरे बाजार चप्प्लों से मारने इन गद्दारों को क्या फ़रक पड़ेगा? इन लोगों की चमड़ी की मोटाई तो बेचारे गेंडे को भी मात देती है।

  4. बेहद दुःखद है मुलायम का मुलायम रवैया सिमी के प्रति। राजनीति का सबसे घिनौना रूप।

  5. भारत के मुसलमानों को अब खुद ही निणय लेना होगा कि अगर वह मुलायम को अपना आका मानते हैं तो उनकी खुद की गिनती किस श्रेणी में होती है,सीधे शब्दों में मुलायम ने एक झटके में भारतीय मुसलमानों को गददार बना दिया.

  6. मुलायम सिंह ने उत्तरप्रदेश से सत्तासुख में डूबे ब्राह्मणों को बाहर निकाल दिया और पिछड़े वर्ग के लोगों को ताकत दी। अब वो लोग मुलायम सिंह जैसे मसीहा के बारे में अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं,जिनके खुद के पूर्वज विदेशियों की चापलूसी करते रहे और देश के साथ गद्दारी करते रहे। अटल बिहारी जैसे सार्वजनिक रूप से गद्दार प्रमाणित व्यक्ति इनके लिए देवता हैं। मुलायम सिंह का विरोध करने वालों की जाति, पृष्ठभूमि और संपत्ति का सर्वे किया जाए,तो नब्बे फीसदी उसी तबके से मिलेंगे,जो गिनती में थोड़े होते हुए भी देश के सारे संसाधनों पर कब्ज़ा किए रहे और किए हैं। मुलायम सिंह जैसा मसीहा इन लोगों से डरने वाला नहीं है।

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