आनंद फिल्म का एक डायलॉग था, जिंदगी की डोर ऊपर वाले के हाथ में बंधी है वो कब इसे खींच ले…वगैरह वगैरह। लेकिन ये लाचार माँ बाप अपने एप्लास्टिक एनेमिया से पीड़ित बच्चे की जिंदगी की इसी डोर को खींचने की दुहाई के लिये राष्‍ट्रपति महोदय का दरवाजा खटखटा रहे हैं।
इसी तरह के एक केस […]

नेतागिरी, राजनीति और नेता पर कुछ कहने से पहले इनके पीछे छुपे अर्थ को जान लेते हैं। नेता यानि जिसमें नेतृत्‍व करने की क्षमता हो जो आगे आगे रहे और जनता पीचे पीछे। नेतागिरी यानि राजनीति से जुड़े लोगों द्वारा दादागिरी अर्थात अपनी पसंद की बात मनवाना। राजनीति यानि वो नीति जिसमें राज्‍य का […]

एक तरफ जहाँ आरक्षण की गर्मी सारे देश में फैली हुई है दूसरी तरफ ये नयी कहानी, वैसे इसका सीधे आरक्षण से कुछ लेना देना नही है लेकिन हो सकता है आने वाले वक्‍त में इस तरह के जॉब के लिये भी कोई आरक्षण की चिंगारी भड़के। आप सोच रहे होंगे किस तरह का जॉब, […]

  

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