23 Apr
Posted as भारत, व्यक्तिव
Tags:अपाहिज, अम्बिका कामेश्वर, डांस, बालीवुड, भारत, मानसिक, रिसर्च, व्यक्तिव, हालिस्टिक डेवलपमेंटज्यादातर लोगों के लिये डांस का मतलब है बालीवुड के गीतों में ठुमके लगाना, और अगर कोई ठुमके मारते मारते एक्सपर्ट हो गया तो फिल्मों और टीवी के चक्कर काटने शुरू कर देता है। लेकिन कितने लोग सोच सकते हैं कि यही डांस किसी के ईलाज के काम आ सकता है। एक के बारे में मैं जानता हूँ और वो हैं डा. अम्बिका कामेश्वर, रासा की फाउंडर-डायरेक्टर, एक डांसर, क्लासिकल गायक और कोरियोग्राफर।
उन्होने ये मानने से इंकार कर दिया की डांस सिर्फ स्टेज में परफोम करने के ही काम आ सकता है, शारीरिक तौर पर कमजोर और मानसिक रूप से लाचार बच्चों की मदद के लिये उन्होने डांस को एक ईलाज की तरह उपयोग किया।
सालों की रिसर्च और अपने अपने फील्ड में माहिर लोगों के सलाह मशविरा सब एक नई चाशनि में ढाल के एक नई डांस की पद्वति पैदा की और इसको नाम दिया ‘थियेटर फॉर हालिस्टिक डेवलपमेंट’।
१४ साल पहले १९८९ में, उन्होंने एक सामाजिक संस्था शुरू की रासा (रामन्ना संनृत्य आलय), जिसका उद्वेश्य था अपाहिज और दिमागी तौर से कमजोर बच्चों की मदद करना। इनके और इनकी संस्था के बारे में ज्यादा जानकारी यहाँ से मिल सकती है। आप चाहें तो जानकारी के लिये डा. अम्बिका कामेश्वर द्वारा लिखित लेख क्रिएटिव एंड परफोरमिंग आर्टसः एक डेवलपमेंट भी पढ़ सकते हैं।
One Response
drona
February 25th, 2008 at 3:15 pm
1hi i m drona RJ with radio Rangila 104.8 fm
could u give me a cel no. or ph. no.
i wud like to talk to Dr. ambila in my show
if it would be posibale plz mail me at drona1048@gmail.com
regards
drona
RSS feed for comments on this post · TrackBack URI
Leave a reply