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ईसाई योगा

यानि योग (योगा) में भी लगने लगा धर्म का पैबंद। योगा एक प्राचीन अनुशासित अभ्‍यास है जिसमें व्‍यक्‍ति अपने दिमाग, शरीर और आत्‍मा का मिलन करने या कराने की कोशिश करता है। योगा आज से पहले शायद ही किसी भगवान या धर्म से सीधा जुड़ा हो क्‍योंकि ये एक ऐसा अभ्‍यास है जिसमें हमें अपने [...]

[ More ] April 27th, 2006 | 5 Comments | Posted in धर्म, संस्‍कृति |

डांस थोड़ा हटके

ज्‍यादातर लोगों के लिये डांस का मतलब है बालीवुड के गीतों में ठुमके लगाना, और अगर कोई ठुमके मारते मारते एक्‍सपर्ट हो गया तो फिल्‍मों और टीवी के चक्‍कर काटने शुरू कर देता है। लेकिन कितने लोग सोच सकते हैं कि यही डांस किसी के ईलाज के काम आ सकता है। एक के बारे में [...]

[ More ] April 23rd, 2006 | 1 Comment | Posted in भारत, व्‍यक्‍तिव |

बलि और मासूम बच्‍चे

अभी अभी बी. बी. सी न्‍यूज में ये स्‍टोरी देखी जो दिल दहलाने वाली थी। खबर है कि उत्तर प्रदेश के किसी दूर दराज के गाँव में धार्मिक क्रिया के नाम पर दर्जनों बच्‍चों की बलि दी गयी (दी जा रही) है। आफिसरों का कहना है कि ऐसा अब बहुत कम होता है लेकिन चाहे [...]

धर्म बोले तो…….

इस बार काफी दिनों बाद अनुगूँज का आयोजन किया गया और इसकी गूँज इधर उधर सुनायी भी गई। इस बार का विषय है – मेरे जीवन में धर्म का महत्‍व। वैसे अगर देखा जाय तो हेमामालिनी जी भी काफी कुछ इसमें लिख सकती हैं लेकिन उनको कहे कौन। उनके धर्म पे ज्‍यादा जोर ना दे [...]

[ More ] April 3rd, 2006 | 11 Comments | Posted in अनुगूँज, धर्म |