यानि योग (योगा) में भी लगने लगा धर्म का पैबंद। योगा एक प्राचीन अनुशासित अभ्यास है जिसमें व्यक्ति अपने दिमाग, शरीर और आत्मा का मिलन करने या कराने की कोशिश करता है।
योगा आज से पहले शायद ही किसी भगवान या धर्म से सीधा जुड़ा हो क्योंकि ये एक ऐसा अभ्यास है जिसमें हमें अपने ही […]
23 Apr
Posted by Tarun as भारत, व्यक्तिव
Tags:अपाहिज, अम्बिका कामेश्वर, डांस, बालीवुड, भारत, मानसिक, रिसर्च, व्यक्तिव, हालिस्टिक डेवलपमेंटज्यादातर लोगों के लिये डांस का मतलब है बालीवुड के गीतों में ठुमके लगाना, और अगर कोई ठुमके मारते मारते एक्सपर्ट हो गया तो फिल्मों और टीवी के चक्कर काटने शुरू कर देता है। लेकिन कितने लोग सोच सकते हैं कि यही डांस किसी के ईलाज के काम आ सकता है। एक के बारे में […]
अभी अभी बी. बी. सी न्यूज में ये स्टोरी देखी जो दिल दहलाने वाली थी। खबर है कि उत्तर प्रदेश के किसी दूर दराज के गाँव में धार्मिक क्रिया के नाम पर दर्जनों बच्चों की बलि दी गयी (दी जा रही) है। आफिसरों का कहना है कि ऐसा अब बहुत कम होता है लेकिन चाहे […]
03 Apr
Posted by Tarun as धर्म, अनुगूँज
Tags:अनुगूँज, आदमी, इस्लाम, कर्म, धर्म, धार्मिक, मंदिर, मस्जिद, हिन्दुइस बार काफी दिनों बाद अनुगूँज का आयोजन किया गया और इसकी गूँज इधर उधर सुनायी भी गई। इस बार का विषय है - मेरे जीवन में धर्म का महत्व। वैसे अगर देखा जाय तो हेमामालिनी जी भी काफी कुछ इसमें लिख सकती हैं लेकिन उनको कहे कौन। उनके धर्म पे ज्यादा जोर ना दे […]