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एक लम्‍हा

१-२ महीने पहले ये निठल्‍ला चिन्‍तन किया था एक लम्‍हे के लिये, पढ़ कर मजा लीजिये। एक लम्‍हा एक दिन ले के आया बाटली, चलता था लड़खड़ा के, जब से दारू चाट ली। बाटली को गटक के, वो वहीं बस रूक गया, आने वाला कल ना आया, आज कुछ थम सा गया। यम था हैरां [...]

[ More ] February 22nd, 2006 | 7 Comments | Posted in शायरी और गजल |

धर्म और बोलने की आजादी

बोलने या लिखने की आजादी है इसका मतलब ये नही कि कोई कुछ भी लिखता जाय, अब अगले ने लिख दिया और हमें पसंद नही आया तो इसका मतलब ये भी नही कि गुस्‍से में अपने ही देश की संपत्ति को नुकसान पहुँचायें या क्रौध की अग्‍नी के जलजले में अपने ही लोगों की चिता [...]

[ More ] February 21st, 2006 | 7 Comments | Posted in खबर गरमागरम, धर्म |

ढोल की पोल

आजकल दिल वालों की दिल्‍ली के दिल और एम. सी. डी. के बीच शायद छत्तीस का आंकड़ा चल रहा है। एम. सी. डी. ताबड़तोड़ अवैध निर्माण तोड़े जा रही है और जिनके टूट रहे हैं वो हल्‍ला बोल किये जा रहे हैं। हम सही हैं दिखाने को इस बार एम. सी. डी. ने आम जनता [...]

[ More ] February 17th, 2006 | Comments Off | Posted in खबर गरमागरम, राजनीति |

शिकार हो गया शिकारी

ये किसकी मति मारी शिकार हो गया शिकारी। एक बहुत पुराना गाना है, ‘शिकार करने को आये शिकार हो के चले……’ आपने भी सुना होगा। अभी यहाँ यू.एस. ए. में ऐसा ही कुछ हुआ। दो शिकारी अपनी अपनी बंदूक संभाले चल दिये टेक्‍सास की ओर शिकार करने। लेकिन शायद उनमें से किसी को भी ये [...]

[ More ] February 15th, 2006 | 3 Comments | Posted in खबर गरमागरम |

आवारा पागल दीवाना यानि परफेक्‍ट लवर

क्‍या वक्‍त आ गया है, जिस बारे में आज तक कभी सोचा नही उसके बारे में लिखना पड़ रहा है। संतोषी माता वाले पर्चे कभी आगे नही बड़ाये, चेन-मेल की चेन कभी किसी को फार्वड नही करी लेकिन यह सोच के इसे लिख रहा हूँ चलो इसमें कुछ तो मेहनत है (अलका मेहनत पर ध्‍यान [...]