पहले पांच पांडव, फिर रंग दे बसंती के पांच युवा और अब आई आई टी के ये पांच नवजवान। अच्‍छे खासे कैरियर को लात मार देश की हालत सुधारने का बीड़ा उठाया, और एक नयी राजनीतिक पार्टी की नींव रखी, जिसका नाम है - परित्रना, जिसका मतलब होता है विभिन्‍न कारणों से मिली मुश्‍किलों से […]

अगर आप सोचते हैं कि रंग दे बसंती एक देश भक्‍ति की फिल्‍म है तो आप गलत सोचते हैं, और अगर आप सोचते हैं कि रंग दे बसंती एक देश भक्‍ति की फिल्‍म नहीं है तो भी आप गलत सोचते हैं। क्‍यों खा गये ना गच्‍चा, यही इस फिल्‍म की तारीफ है कि फिल्‍म खत्‍म […]

अगर आप को स्‍कूल के बच्‍चों के पाठयक्रम के लिये अमेरिका का इतिहास लिखने के लिये कहा जाय तो आप क्‍या करेंगे। यही ना कि अमेरिका में उन लोगों से सम्‍पर्क करेंगे जिन्‍होने वहाँ के स्‍कूल के लिये इतिहास का पाठयक्रम लिखा हो या फिर अमेरिका के किसी एक या दो इतिहासविद्‌ से सम्‍पर्क कर […]

मैं इस नाम की फिल्‍म की बात नहीं करने जा रहा बल्‍िक एक काल्‍पनिक लेख की बात कर रहा हूँ। धार्मिक भावना वाले व्‍यक्‍ति को हो सकता है इसे पढ़ के ठेस पँहुचे (जिसका मेरा कतई इरादा नही है), इसलिये गुजारिश है कि वो इसे या तो ना पढें और या फिर निठल्‍ला चिंतन समझ […]

एक बार मैं जब ‘अमेजिंग रेस’ (लाजवाब दौड़) देख रहा था तब किसी प्रतियोगी ने भारत (लखनऊ और उदयपुर शायद) से वापसी का हवाई जहाज पकड़ते वक्‍त बोला था, “ओ.के, बैक टू सिविलाईजेसन’। उस वक्‍त सच मानिये तो बहुत चुभी थी ये बात। लेकिन इस बार जब मैं इंडिया होकर वापस आया तब मुझे लगा […]

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