काला सोना

सोना चाहे काला हो या पीला जनता के बीच हमेशा लोकप्रिय रहता है चाहे वो जरूरत के चलते हो या फिर पसंद के। फिलहाल यहाँ पर बात हो रही है काले सोने कि यानी पैट्रोल ( अमेरिका में इसे गैस कहते हैं) की। पिछले ३-४ महीनों से पैट्रोल (कच्‍चे और पक्‍के) के बड़ते दामों से जनता का बुरा हाल था, पैट्रोल भराने को जाते तो पसीना छुटने लगता। पैट्रोल पंप १ दिन में दो-दो तीन-तीन बार दाम बड़ा रहे थे। कुल मिलाकर कहानी खराब चल रही थी। लेकिन आज कहानी में ऐसा मोड़ आया कि किसी को कुछ कहते नही बना। जी हाँ एक्‍सोन-मोबिल ने आज ही बताया कि उन्‍हें तीसरे क्‍वाटर में $९.९ बिलियन का फायदा हुआ है।

ये अमेरिका के कारपरेट वर्ड में किसी एक सिंगल क्‍वाटर के फायदे (प्रौफिट) का नया रिकार्ड है। ऐसा ना पहले कभी हुआ और शायद फिर कभी हो। सवाल ये है कि अगर पैट्रोल की इतनी किल्‍लत थी तो इस कंपनी को इतना फायदा कैसे हुआ। जनता की छोटी-छोटी जेबों को काट के इस कंपनी ने अपनी जेब भरी लगती है। शायद यही कारण है कि इतने भारी फायदा बताने के बावजूद एक्‍सोन-मोबिल का शेयर अच्‍छा खासा नीचे गिरा। एक दुसरी कंपनी शैल ने भी तीसरे क्‍वाटर में फायदा बताया है।

विस्‍तार से यहाँ पढ़िये

About the Author

Tarun
निठल्ला चिन्तन एक आक्रौश है विचारों की आंधी का, एक द्वंद है सच और झूठ का, एक भावना है प्यार की, एक तमन्ना है आकाश छूने की, कुछ कहने की और कुछ अनकही छोड़ देने की; संक्षेप में कहूँ तो ये है थोड़ी मस्ती थोड़ा चिंतन।

[आपकी हर तरह की टिप्पणी का स्वागत है, ये प्रोत्साहन तो देती ही है साथ में ये भी पता चलता है कि आप लोग किस तरह के आलेखों की अपेक्षा करते हैं। और अगर आप चाहें तो निठल्ला चिंतन को सीधे ईमेल के द्वारा सब्सक्राईब कर सकते हैं और या फिर फीड रीडर में सब्सक्राइब करके भी पढ़ सकते हैं]

Leave a Reply

You can use these XHTML tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <blockquote cite=""> <code> <em> <strong>