< Browse > Home / खालीपीली / Blog article: काला सोना

| Mobile | RSS

काला सोना

October 27th, 2005 | No Comments | Posted in खालीपीली

सोना चाहे काला हो या पीला जनता के बीच हमेशा लोकप्रिय रहता है चाहे वो जरूरत के चलते हो या फिर पसंद के। फिलहाल यहाँ पर बात हो रही है काले सोने कि यानी पैट्रोल ( अमेरिका में इसे गैस कहते हैं) की। पिछले ३-४ महीनों से पैट्रोल (कच्‍चे और पक्‍के) के बड़ते दामों से जनता का बुरा हाल था, पैट्रोल भराने को जाते तो पसीना छुटने लगता। पैट्रोल पंप १ दिन में दो-दो तीन-तीन बार दाम बड़ा रहे थे। कुल मिलाकर कहानी खराब चल रही थी। लेकिन आज कहानी में ऐसा मोड़ आया कि किसी को कुछ कहते नही बना। जी हाँ एक्‍सोन-मोबिल ने आज ही बताया कि उन्‍हें तीसरे क्‍वाटर में $९.९ बिलियन का फायदा हुआ है।

ये अमेरिका के कारपरेट वर्ड में किसी एक सिंगल क्‍वाटर के फायदे (प्रौफिट) का नया रिकार्ड है। ऐसा ना पहले कभी हुआ और शायद फिर कभी हो। सवाल ये है कि अगर पैट्रोल की इतनी किल्‍लत थी तो इस कंपनी को इतना फायदा कैसे हुआ। जनता की छोटी-छोटी जेबों को काट के इस कंपनी ने अपनी जेब भरी लगती है। शायद यही कारण है कि इतने भारी फायदा बताने के बावजूद एक्‍सोन-मोबिल का शेयर अच्‍छा खासा नीचे गिरा। एक दुसरी कंपनी शैल ने भी तीसरे क्‍वाटर में फायदा बताया है।

विस्‍तार से यहाँ पढ़िये

Leave a Reply 1,878 views |
  • No Related Post

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

टिप्पणियों का शटर नयी पोस्ट पब्लिश करने के बाद कुछ दिनों ही खुला रहता है। पुरानी पोस्टस में आने वाले स्पॉम टिप्पणियों के मद्देनजर यह निर्णय लेना पड़ा, असुविधा के लिये खेद है। आप को अगर ये ब्लोग और इसमें लिखी पोस्ट पसंद आती हैं तो आप इसे सब्सक्राइब करके भी पढ़ सकते हैं, धन्यवाद।

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

टिप्पणियों का शटर नयी पोस्ट पब्लिश करने के बाद कुछ दिनों ही खुला रहता है। पुरानी पोस्टस में आने वाले स्पॉम टिप्पणियों के मद्देनजर यह निर्णय लेना पड़ा, असुविधा के लिये खेद है। आप को अगर ये ब्लोग और इसमें लिखी पोस्ट पसंद आती हैं तो आप इसे सब्सक्राइब करके भी पढ़ सकते हैं, धन्यवाद।