एक के बाद एक तीन चार विस्‍फोट, क्‍या ये भूकंप पीड़ितों की मदद करने के बदले मिला तोहफा है। राजनीतिक मजबूरियों के चलते अभी तक किसी से यह कहते भी नही बना कि ये वाकई में आतंकवादियों का ही काम है, अभी तक सिर्फ शक ही किया जा रहा है। जहाँ खुशियों का मंजर […]

काला सोना

सोना चाहे काला हो या पीला जनता के बीच हमेशा लोकप्रिय रहता है चाहे वो जरूरत के चलते हो या फिर पसंद के। फिलहाल यहाँ पर बात हो रही है काले सोने कि यानी पैट्रोल ( अमेरिका में इसे गैस कहते हैं) की। पिछले ३-४ महीनों से पैट्रोल (कच्‍चे और पक्‍के) के बड़ते दामों से […]

‘बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जायेगी’…..जगजीत सिंह की गायी ये गजल किसी को पसंद आये या नही लेकिन इन शब्‍दों में बहुत दम है। बात शुरू हुई थी ‘तेल के बदले खाना’ (आयॅल फॉर फूड) के पीछे छुपी कहानी का पता लगाने से और खत्‍म हुई एक इंटरनेशनल घोटाले में जाकर। जिसमें २२०० कम्‍पनियों […]

एक और चौपाल

अक्षरग्राम की तर्ज पर एक और चौपाल, लेकिन ये चौपाल है अंग्रेजी में और इसे ये लोग कहते हैं - इंटेंटब्‍लोग। जाहिर है आप सवाल करेंगे कौन हैं ये लोग? सब को तो मैं नही जानता (शायद आप जानते हों), इनमें से कुछ हैं - दीपक चोपड़ा, शेखर कपूर, नंदिता दास, राहुल खन्‍ना, अनुपम […]

  

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