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प्रेम कविता

प्रेम कविता लिखने की, एक दिन हमने भी ठानी लिखने से पहले मन बोला, कहाँ है दिल की रानी। कहाँ है दिल की रानी, जो प्रेम रस को घोले अपना भी दिल कभी, कुछ इलु इलु बोले। आये कोई, हमें भी, जो थोड़ा दर्द दे जाय कवि ना बन पाये ये दिल तो शायर बन [...]

[ More ] September 15th, 2005 | 3 Comments | Posted in शायरी और गजल |

व्‍यक्‍तित्‍व

कालेज के वक्‍त लिखी एक कविता – आड़ी तिरछी रेखांओ से बना हुआ मेरा व्‍यक्‍तित्‍व, काँटों के बीच फूल सा खिला हुआ मेरा व्‍यक्‍तित्‍व। पत्‍ता, सूखा पिला टहनी, कुछ सीधी, कुछ तिरछी पतझड़ के मौसम में पेड़ों का कैसा व्‍यक्‍तित्‍व, शायद ये मेरा व्‍यक्‍तित्‍व।

[ More ] September 13th, 2005 | Comments Off | Posted in शायरी और गजल |

Indian’s Death Toll 585 – Encephalitis

Since Hurricane Katrina slammed gulf coast of USA, hundreds of article or post has been written about how USA handled the relief effort even most of the Indian papers and bloggers have written criticism about it, some known so called columnist also expressed their point of view or criticism. The offical death toll is around [...]

[ More ] September 12th, 2005 | Comments Off | Posted in खालीपीली |

अभी दिल्ली थोडा दूर है

आज ऐसे ही थोडा खाली वक्त मिला तो वीकीपीडिया पर सर्च किया और पाया नंबर के खेल में हिंदी ७२ वें नंबर पर। इससे थोडा ही ऊपर हैं – मराठी (६८), तेलगू (६७), तमिल (६९), बोस्नियन (५०), ये देश तो शायद ऊतराचंल जितना ही बडा हो। इसलिये भाईयों और बहिनों जितना हो सके, इसमें भी [...]

[ More ] September 9th, 2005 | Comments Off | Posted in खालीपीली |

हिन्दी सुभाषित सहस्र: १२वीं अनुगूँज

गागर में सागर भरने की कोशिश में अपनी तरफ से कुछ बुंदें – देर से ही सही पर बरसी तो। सफलता 1. हार का स्‍वाद मालूम हो तो जीत हमेशा मीठी लगती है – माल्‍कम फोर्बस 2. हम सफल होने को पैदा हुए हैं, फेल होने के लिये नही – हेनरी डेविड 3. पहाड़ की [...]

[ More ] September 3rd, 2005 | 1 Comment | Posted in अनुगूँज |

फैशन और स्‍कूल

और अब कुछ स्‍कूल के बच्‍चों के फैशन के मामले में। न्‍यूज में ही दिखा रहे थे नये नये फैशन वाले कपड़े स्‍कूल पहन के जाने के लिये, और न्‍यूज टॉपिक को नाम दिया गया – “बैक टू स्‍कूल फैशन”। अब कोई इन्‍हें कैसे समझाये कि बच्‍चे अगर अपना ध्‍यान फैशन में लगायेंगे तो पढ़ेंगे [...]

[ More ] September 1st, 2005 | Comments Off | Posted in खबर गरमागरम, समाज और समस्‍या |

गैस कार की

यहाँ अमेरिका में गैस के दामों में दिन दूनी रात चौगनी प्रगति हो रही है। कल ही न्‍यूज में देखा, अटलांटा के पास कहीं रेगुलर (अनलेड्‌ड) गैस के दाम हैं $5.87। दुकानमालिक का नाम कुछ कुछ ऐसा है – माइक वसाया। नाम पर मत जाना बन्‍दा शक्‍ल सुरत और बातों से खालिस अपने यहाँ का [...]

[ More ] September 1st, 2005 | Comments Off | Posted in खबर गरमागरम, समाज और समस्‍या |