नेता और राजनीतिक पार्टी
पिछले साल लिखी चंद लाईने, इस साल देवनागिरी में।
नेता
इलेक्शन के इस दौर में, मची हुई है होड़
कहीं हो रहे वायदे, कहीं बन रही रोड।
संसद अपनी बन गयी जंग का मैदान
नेता तो ये रहे नही, बन गये हैवान।
एक नही, दो नही, कई पार्टी बदलते रहते हैं
चाहे जिसमें भी रहें, घोटाले करते रहते हैं।
हमसे वायदे पहले किये, किया नही कुछ काम
पीने को कहीं पानी नही, ये टकराते जाम।
राजनीतिक पार्टी
डेमोक्रेसी का नेताओं ने कैसा खेल निकाला है,
उसकी अपनी पार्टी है, मेम्बर वो अकेला है।
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