पिछले साल लिखी चंद लाईने, इस साल देवनागिरी में।
नेता
इलेक्‍शन के इस दौर में, मची हुई है होड़
कहीं हो रहे वायदे, कहीं बन रही रोड।
संसद अपनी बन गयी जंग का मैदान
नेता तो ये रहे नही, बन गये हैवान।
एक नही, दो नही, कई पार्टी बदलते रहते हैं
चाहे जिसमें भी रहें, घोटाले करते रहते हैं।
हमसे वायदे पहले किये, […]

पिछले साल, चुनाव के दौरान कुछ पंक्‍तियां लिखीं थीं सोचा चलो आज इन्‍हें हिन्‍दी मे लिख दिया जाय। ब्‍लागनाद तो इनका पहले ही हो चुका है।
इलेक्‍सन का शोर है, देखो चारों ओर
सफेद कपड़े पहन के, घूम रहे हैं चोर।
घूम रहे हैं चोर, मचा रहे हल्‍ला गुल्‍ला
इनके कस्‍मे-वादों से, गुंज रहा हर गली मुहल्‍ला।
इनकी कोई जात […]

गतांक से आगे…..
क्‍या करे क्‍या न करे मुगेरी की समझ नही आ रहा था, उसे यूँ बैठे हुए काफी देर हो गयी। अब तक रात का धुंधलका भी छाने लगा था। उसके पेट मे भूख से चूहे दौड़ने लगे, पास पर ही एक खाने का ठेली वाला नजर आया तो मुंगेरी उसी ओर चल दिया।
पेट […]

10 वीं अनुगूँज का विषय रखा गया - “एक पाती ‘…’ के नाम”। अब पाती लिखे तो हमें जमाना बीत गया, ऊपर से समस्‍या थी कि पाती लिखे तो किस के नाम, और किस विषय को ले कर। याद आया कि विषय को लेकर थोड़ी छूट मिली हुई है पाती के लिए यूँ ही गप-सड़ाका […]

आज ‘अपनी दुनिया’ का कलेवर बदलने के बाद सोचा क्‍यों न अब कुछ ‘निठल्‍ला चिन्‍तन’ ही कर लें। सबसे पहला सवाल उठा कि भैय्‍या विषय क्‍या चुना जाय, काफी सोचने के बाद ये निष्‍कर्ष निकला कि चलो आज ‘निठल्‍ला चिन्‍तन’ की उत्‍पति के बारे मे कुछ लिखा जाय।
पिछले साल की शुरूआत मे इस नाचीज को […]

  

Subscribe

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

 

कंट्रोल पैनल