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पेज ३

थोड़ी-बहुत तुकबन्दी करने का बन्दे को शुरू से ही शौक रहा है, इसलिए सोचा, टूटी-फूटी ही सही, क्यों न श्रीगणेश ऎसी ही किसी तुकबन्दी से किया जाय॥ तो अर्ज किया है…… पेज-३ मे छपने की मची हुई है होड़, इर बीर फत्ते लगा रहे सभी दौड़॥ लगा रहे सभी दौड़, मचा रहे हल्ला गुल्ला, शेयरमाक्रेट [...]

[ More ] February 28th, 2005 | Comments Off | Posted in खबर गरमागरम, शायरी और गजल |

पहला हिंदी चिट्ठा

एक नई शुरूआत ॥ हिंदी मे लिखना बहुत मुशकिल है॥ काफी वक्त लगता है॥ जब तक हिन्दी मे टाइप करना आये तब तक आप मेरा अँगरेजी चिट्ठा my Lonely Planet देख सकते हैं॥