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राखीः मेरे भैय्या मेरे चंदा, फूलों का तारों का सबका कहना है

आज राखी है यानि रक्षा बंधन यानि भाई-बहन का पर्व, अन्य त्यौहारों की तरह हिंदी फिल्मों में राखी पर भी काफी गीत लिखे गये हैं। इन गीतों में भाई और बहिन के प्यार को, एक दूसरे के लिये इनकी भावनाओं को बड़ी सुन्दरता से दिखाया गया है। इनमें से कुछ गीत स्पेशियली राखी के ऊपर [...]

[ More ] August 24th, 2010 | 5 Comments | Posted in Golden Melody, Situational |

वैलेंटाईन डे स्पेशियलः लव स्टोरी के लव में ट्विस्ट

एक बार फिर वही दिन, कहाँ से दिन शुरू हुआ कहाँ कहाँ फैल गया। आज के दिन कोई गुलाबी गुलाबी होकर घूमे तो कोई मुँह काला करके, विरोध का रंग काला ही होता है ना। युवाओं में बड़ा जोश होता है वैलेंटाईन डे मनाने का, वैसे ही जैसे अधजल गगरी की कहानी, अरे वो ही [...]

[ More ] February 14th, 2010 | 1 Comment | Posted in For Your Valentine, Romantic, Situational |

लता मंगेशकर की आवाज में एक दिन हँसाना एक दिन रूलाना

मैं जब दिल्ली में था तो मैंने एक कैसेट बनायी थी जिसमें प्रेरणा देने वाले गानों को रिकार्ड करके रखा था फिर यहाँ आकर उन्होंने कंप्यूटर में अपनी जगह बना ली। ऐसे ही गीतों की खोज करने में मुझे एक गीत और मिला जो मैंने सुना जरूर था लेकिन जिसका मुझे बिल्कुल भी याद नही [...]

[ More ] May 26th, 2009 | 2 Comments | Posted in Happy Go Lucky |

सुनिये बालिका वधु का गीत: बड़े अच्छे लगते हैं, ये नदिया ये धरती, ये रैना और…

मैं टीवी वाली बालिका बधु नही बल्कि फिल्म वाली की बात कर रहा हूँ। 1976 में तरूण मजुमदार निर्देशित एक बहुत खुबसूरत फिल्म रीलिज हुई थी नाम था बालिका बधु, आजादी की लड़ाई को बैकग्राउंड रख ये बाल विवाह पर बनी एक फिल्म थी। फिल्म में युवा नायक के रूप में थे सचिन और बालिक [...]

[ More ] March 26th, 2009 | 10 Comments | Posted in Filmy, Romantic |

तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा तो नही

पिछली पहेली में अब तक के रिकार्ड उत्तर आये साथ में सभी ने गीत को पहचान भी लिया। वो डॉयलाग फिल्म आंधी के मधुर गीत ‘तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा तो नही‘ के मध्य से लिया गया था। इस खुबसूरत गीत को संगीतबद्ध किया था राहुल देव बर्मन ने और शब्दों से सजाया (यानि [...]

[ More ] January 8th, 2009 | 5 Comments | Posted in Romantic |

अभी तो हाथ में जाम है

जरा याद करो १९७२ में आयी फिल्म सीता और गीता, फिर याद करो शराब की बोतल हाथ में लिये लड़खड़ाता हुआ धर्मेन्द्र। क्या याद आया? मन्ना डे का गाया हुआ यही गीत ना। मुझे इस फिल्म का ये गीत सबसे ज्यादा पसंद है, इसे बहुत बार सुना है, फिर भी अभी तक मन नही भरा, [...]

[ More ] October 23rd, 2008 | 6 Comments | Posted in Drunkard (sharabi) |