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ठुमक ठुमक पग दुमक कुंज मधु (अनकही) – पंडित भीमसेन जोशी

पंडित भीमसेन जोशी अपना सुर मिलाने हमसे बहुत दूर चले गये, आज इस पोस्ट के मार्फत उनको विनम्र श्रृद्धांजलि फिल्म अनकही के लिये गाये उनके इस विशेष गीत से। पंडितजी के बारे में मुझे कुछ मालूम नही था, और सबसे पहले उनके बारे में पता चला जब दूरदर्शन में पहली बार बजा “मिले सुर मेरा [...]

[ More ] January 25th, 2011 | 1 Comment | Posted in Classical |