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दिल का दिया जला के गया

इस गीत का संगीत जितना मधुर है उतने ही मधुर इसके बोल है और वैसी ही खुबसूरती से इसे गाया गया है। १९६५ में एक फिल्म आयी थी आकाशदीप जिसे फणी मजूमदार ने निर्देशित किया था। धर्मेन्द्र, महमूद और नंदा के अभिनय से सजी इस फिल्म का संगीत दिया था चित्रगुप्त ने और गीत लिखे [...]

[ More ] November 17th, 2010 | 4 Comments | Posted in Golden Melody |

ऐ गम-ए-यार बता, कैसे जिया करते हैं

रील और रियल लाईफ की एक सफल जोड़ी अभिनीत एक बोर और फ्लॉप फिल्म से लिये गये इस गीत की एक यूनिक खासियत है। इस फिल्म को मैंने छुटपन में लखनऊ दूरदर्शन में देखा था, जब हम पहाड़ों से जाड़ों की छुट्टियों में निकलते थे। तब पहाड़ों में तो दूरदर्शन आता नही था और वो [...]

[ More ] October 31st, 2010 | 3 Comments | Posted in Filmy |

आँखों पर एक चर्चा: आँखों पर लिखे कुछ बेहतरीन हिंदी फिल्मी गीत – भाग १

मैंने पिछले एक पोल में पूछा था कि शरीर के किस अंग की तारीफ में लिखे गीत ज्यादा पसंद हैं और उसमें नंबर एक पसंद थी “आँखें (Eyes)“। आज से आगे की कुछ पोस्ट तक उन गीतों की बात करेंगे जो आँखों के ऊपर लिखे गये हैं या जिन गीतों में आँखों का जिक्र आता [...]

[ More ] July 23rd, 2010 | 3 Comments | Posted in Ek Shabd Sau Afsaane |

हाय रे तेरे चंचल नैनवा, कुछ बात करें रूक जायें

बालीवुड की फिल्मी दुनिया के कई ऐसे मधुर गीत हैं जो भूला बिसरा दिये गये हैं, किसी रेडियो स्टेशन या टेलीविजन के माध्यम से शायद ही सुनने को मिलते हैं। ऐसे ही एक गीत की बात आज कर रहे हैं जो 1965 में रीलिज फिल्म ऊँचे लोग से है। इस मधुर गीत को संगीतबध्द किया [...]

[ More ] March 5th, 2010 | 4 Comments | Posted in Filmy |

गीत पहेली १० का उत्तरः सुनिये जाना क्या प्यार में शर्माना

पहेली हल करने की कोशिश सिर्फ ३ लोगों ने की इसलिये सोच रहा हूँ क्या गीत पहेली पूछने के लिये मुझे मेहनत करनी चाहिये या इसे बंद ही कर दूँ। पहेली का ठीक ठीक हल कोई नही बता पाया लेकिन महेन और अल्पना का निशाना टार्गेट से थोड़ा इधर-उधर हो गया। महेन ने गायिका का [...]

[ More ] June 3rd, 2009 | Comments Off | Posted in Romantic |

लता मंगेशकर की आवाज में एक दिन हँसाना एक दिन रूलाना

मैं जब दिल्ली में था तो मैंने एक कैसेट बनायी थी जिसमें प्रेरणा देने वाले गानों को रिकार्ड करके रखा था फिर यहाँ आकर उन्होंने कंप्यूटर में अपनी जगह बना ली। ऐसे ही गीतों की खोज करने में मुझे एक गीत और मिला जो मैंने सुना जरूर था लेकिन जिसका मुझे बिल्कुल भी याद नही [...]

[ More ] May 26th, 2009 | 2 Comments | Posted in Happy Go Lucky |

अलबेली नार प्रीतम द्वार खड़ी – मन्ना डे की आवाज में

1962 में रीलिज जिस फिल्म का ये गीत है वो तो मैं अब कह नही सकता लेकिन आप में से बहुत होंगे जिनके पास अभी भी ये मौका है कि वो कहें – मैं शादी करने चला। जी हाँ इसी फिल्म का ये गीत है, अलबेली नार प्रीतम द्वार खड़ी, आवाज है वन एंड ओनली [...]

[ More ] May 1st, 2009 | 6 Comments | Posted in Classical |

माँ पर एक खुबसूरत गीतः उसको नही देखा हमने कभी

माँ पर लिखी कविताओं की चर्चा पढ़ते हुए माँ पर मजरूह सुल्तानपुरी का लिखा गीत “उसको नही देखा हमने कभी, पर इसकी जरूरत क्या होगी, ऐ माँ तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी“, मुझे स्ट्राईक किया। जब मैं छोटा था तो ये गीत विविध भारती पर खूब बजता था। उस वक्त गीत [...]

[ More ] April 15th, 2009 | 16 Comments | Posted in Maa (mother) |
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