< Browse > Home /

| Mobile | RSS

ऐ गम-ए-यार बता, कैसे जिया करते हैं

रील और रियल लाईफ की एक सफल जोड़ी अभिनीत एक बोर और फ्लॉप फिल्म से लिये गये इस गीत की एक यूनिक खासियत है। इस फिल्म को मैंने छुटपन में लखनऊ दूरदर्शन में देखा था, जब हम पहाड़ों से जाड़ों की छुट्टियों में निकलते थे। तब पहाड़ों में तो दूरदर्शन आता नही था और वो [...]

[ More ] October 31st, 2010 | 3 Comments | Posted in Filmy |

हाय रे तेरे चंचल नैनवा, कुछ बात करें रूक जायें

बालीवुड की फिल्मी दुनिया के कई ऐसे मधुर गीत हैं जो भूला बिसरा दिये गये हैं, किसी रेडियो स्टेशन या टेलीविजन के माध्यम से शायद ही सुनने को मिलते हैं। ऐसे ही एक गीत की बात आज कर रहे हैं जो 1965 में रीलिज फिल्म ऊँचे लोग से है। इस मधुर गीत को संगीतबध्द किया [...]

[ More ] March 5th, 2010 | 4 Comments | Posted in Filmy |

Holi: होली की मदहोशी आबिदा परवीन, शोभा गुर्टू और छन्नूलाल मिश्रा की आवाज के साथ

होली के अवसर पर लिखी इस पोस्ट में क्लासिकल और फिल्मी गीतों के द्वारा आनंद लेंगे होली की मस्ती का। अक्सर होली के आते ही फिजा में रेडियो और टेलिविजन के माध्यम से सुनायी पड़ते हैं होली के गीत। ये गीत मुख्यतया फिल्मी होते हैं और अक्सर चुनिंदा फिल्मों के वो ही चुनिंदा गीत होते [...]

[ More ] February 24th, 2010 | 8 Comments | Posted in Filmy, Holi Songs, Non Filmy, Raaga Based Songs |

गीत पहेली १० का उत्तरः सुनिये जाना क्या प्यार में शर्माना

पहेली हल करने की कोशिश सिर्फ ३ लोगों ने की इसलिये सोच रहा हूँ क्या गीत पहेली पूछने के लिये मुझे मेहनत करनी चाहिये या इसे बंद ही कर दूँ। पहेली का ठीक ठीक हल कोई नही बता पाया लेकिन महेन और अल्पना का निशाना टार्गेट से थोड़ा इधर-उधर हो गया। महेन ने गायिका का [...]

[ More ] June 3rd, 2009 | Comments Off | Posted in Romantic |

माँ पर एक खुबसूरत गीतः उसको नही देखा हमने कभी

माँ पर लिखी कविताओं की चर्चा पढ़ते हुए माँ पर मजरूह सुल्तानपुरी का लिखा गीत “उसको नही देखा हमने कभी, पर इसकी जरूरत क्या होगी, ऐ माँ तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी“, मुझे स्ट्राईक किया। जब मैं छोटा था तो ये गीत विविध भारती पर खूब बजता था। उस वक्त गीत [...]

[ More ] April 15th, 2009 | 16 Comments | Posted in Maa (mother) |

श्यामल श्यामल बरण

मुझे लगा था पहेली कठिन होगी लेकिन जिसने भी बताया सही उत्तर बताया, वो गीत था श्यामल श्यामल बरन, कोमल कोमल चरन, फिल्म नवरंग से। गायक थे महेन्द्र कपूर, ये इनके शुरूआती दौर के गीतों में से था और मो रफी के इनफ्लुएंस की वजह से कुछ कुछ वैसा ही सुनायी भी देता था लेकिन [...]

[ More ] January 11th, 2009 | 7 Comments | Posted in Romantic |