पीतल की मेरी गागरी दिल्ली से मोल मंगायी रे

अफलातूनजी ने जब जयदेव का संगीत सुनाया तो मुझे ध्यान आया ये गीत, वैसे तो जयदेव साहब के संगीतबद्ध किये बहुत सारे मधुर गीत हैं लेकिन मुझे ये थोड़ा जुदा लगता है। ये गीत शायद बहुत कम लोगों ने सुना हो ये भी एक वजह है इसे सलेक्ट करने की।
इस गीत को लिखा है कैफी [...]


दिल विल ४: धीरे धीरे मचल ऐ दिले बेकरार



कहीं एक मासूम नाजुक सी लड़की फासलों से गुजरती रही