< Browse > Home /

| Mobile | RSS

अलबेली नार प्रीतम द्वार खड़ी – मन्ना डे की आवाज में

1962 में रीलिज जिस फिल्म का ये गीत है वो तो मैं अब कह नही सकता लेकिन आप में से बहुत होंगे जिनके पास अभी भी ये मौका है कि वो कहें – मैं शादी करने चला। जी हाँ इसी फिल्म का ये गीत है, अलबेली नार प्रीतम द्वार खड़ी, आवाज है वन एंड ओनली [...]

[ More ] May 1st, 2009 | 6 Comments | Posted in Classical |

माँ पर एक खुबसूरत गीतः उसको नही देखा हमने कभी

माँ पर लिखी कविताओं की चर्चा पढ़ते हुए माँ पर मजरूह सुल्तानपुरी का लिखा गीत “उसको नही देखा हमने कभी, पर इसकी जरूरत क्या होगी, ऐ माँ तेरी सूरत से अलग भगवान की सूरत क्या होगी“, मुझे स्ट्राईक किया। जब मैं छोटा था तो ये गीत विविध भारती पर खूब बजता था। उस वक्त गीत [...]

[ More ] April 15th, 2009 | 16 Comments | Posted in Maa (mother) |

सुनिये मन्ना डे और लता मंगेशकर का गाया गीत “शाम ढले जमुना किनारे”

जब मैं दिल्ली में था तब इस गीत को बहुत सुनता था, इस गीत को मन्ना दा ने इतनी मधुरता से गाया है कि बस सुनते जाओ और रिप्ले करते जाओ। राग खमाज (Khamaj) पर बेस्ड ये गीत है फिल्म पुष्पांजली से जो 1970 में रीलिज हुई थी। संगीत दिया था लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने, आवाज [...]

[ More ] April 3rd, 2009 | 11 Comments | Posted in Filmy, Raag Khamaj, Raaga Based Songs |

तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है

सन् १९८० में एक फिल्म आयी थी ‘आप तो ऐसे ना थे’, और इस फिल्म की सबसे बढ़िया बात थी ये गीत। खुबसूरत बोल, मीठी आवाजें और कर्णप्रिय संगीत। जी हाँ आपने सही पढ़ा आवाजें, इस एक गीत को तीन गायकों ने गाया था और हर गीत उतना ही मधुर। ये तीन आवाजें थीं – [...]

[ More ] October 6th, 2008 | 10 Comments | Posted in Romantic |