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ठुमक ठुमक पग दुमक कुंज मधु (अनकही) – पंडित भीमसेन जोशी

पंडित भीमसेन जोशी अपना सुर मिलाने हमसे बहुत दूर चले गये, आज इस पोस्ट के मार्फत उनको विनम्र श्रृद्धांजलि फिल्म अनकही के लिये गाये उनके इस विशेष गीत से। पंडितजी के बारे में मुझे कुछ मालूम नही था, और सबसे पहले उनके बारे में पता चला जब दूरदर्शन में पहली बार बजा “मिले सुर मेरा [...]

[ More ] January 25th, 2011 | 1 Comment | Posted in Classical |

वैलेंटाईन डे स्पेशियलः लव स्टोरी के लव में ट्विस्ट

एक बार फिर वही दिन, कहाँ से दिन शुरू हुआ कहाँ कहाँ फैल गया। आज के दिन कोई गुलाबी गुलाबी होकर घूमे तो कोई मुँह काला करके, विरोध का रंग काला ही होता है ना। युवाओं में बड़ा जोश होता है वैलेंटाईन डे मनाने का, वैसे ही जैसे अधजल गगरी की कहानी, अरे वो ही [...]

[ More ] February 14th, 2010 | 1 Comment | Posted in For Your Valentine, Romantic, Situational |

तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है

सन् १९८० में एक फिल्म आयी थी ‘आप तो ऐसे ना थे’, और इस फिल्म की सबसे बढ़िया बात थी ये गीत। खुबसूरत बोल, मीठी आवाजें और कर्णप्रिय संगीत। जी हाँ आपने सही पढ़ा आवाजें, इस एक गीत को तीन गायकों ने गाया था और हर गीत उतना ही मधुर। ये तीन आवाजें थीं – [...]

[ More ] October 6th, 2008 | 10 Comments | Posted in Romantic |