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दिल ढूँढता है फिर वो ही फुरसत के रात दिन

दुनिया के इस कोने से उस कोने तक मौसम की ऊठापटक जारी है और ऐसे ही इस साल के जाड़ों में हर सप्ताह पड़ने वाली बर्फवारी के बीच एक सुबह की खिली खिली धूप ने याद दिलायी, इस गीत की – दिल ढूँढता, है फिर वो ही, फुरसत के रात दिन। इस गीत को सुनते [...]

[ More ] January 22nd, 2011 | 1 Comment | Posted in Golden Melody, Happy Go Lucky |

लता मंगेशकर की आवाज में एक दिन हँसाना एक दिन रूलाना

मैं जब दिल्ली में था तो मैंने एक कैसेट बनायी थी जिसमें प्रेरणा देने वाले गानों को रिकार्ड करके रखा था फिर यहाँ आकर उन्होंने कंप्यूटर में अपनी जगह बना ली। ऐसे ही गीतों की खोज करने में मुझे एक गीत और मिला जो मैंने सुना जरूर था लेकिन जिसका मुझे बिल्कुल भी याद नही [...]

[ More ] May 26th, 2009 | 2 Comments | Posted in Happy Go Lucky |

सुनिये मन्ना डे और लता मंगेशकर का गाया गीत “शाम ढले जमुना किनारे”

जब मैं दिल्ली में था तब इस गीत को बहुत सुनता था, इस गीत को मन्ना दा ने इतनी मधुरता से गाया है कि बस सुनते जाओ और रिप्ले करते जाओ। राग खमाज (Khamaj) पर बेस्ड ये गीत है फिल्म पुष्पांजली से जो 1970 में रीलिज हुई थी। संगीत दिया था लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने, आवाज [...]

[ More ] April 3rd, 2009 | 11 Comments | Posted in Filmy, Raag Khamaj, Raaga Based Songs |

दिल विल ७: झिलमिल सितारों का आँगन होगा और एक तेरा साथ हमको

आज के ये दोनों गीत स्पेशल हैं, वजह? वजह थोड़ा खास है क्योंकि ये किसी को समर्पित हैं। प्यार से शुरू हुआ दिल विल का सफर विवाह तक पहुँचा। विवाह के बाद दो जिस्म एक जान हो जाते हैं, नये-नये ख्वाब सजाये जाते हैं। एक दूसरे के दुख दर्द और खुशी में हर पल साथ [...]

[ More ] February 10th, 2009 | 6 Comments | Posted in For Your Valentine, Romantic |

पत्थर से शीशा टकरा के वो कहते हैं दिल टूटे ना

“वक्त के सांचे में अपनी जिंदगी को ढाल कर, मुस्कुराओ मौत की आँखों में आँखें डालकर“, इन बेहतरीन लाईनों के साथ शुरू होता गीत “पत्थर से शीशा टकरा के” जिसे पहेली ८ में पहचानने को कहा गया था। ये खुबसूरत गीत है फिल्म सावन को आने दो से, राजश्री प्रोडक्शन की १९७९ में आयी इस [...]

[ More ] January 19th, 2009 | 9 Comments | Posted in Happy Go Lucky |

तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा तो नही

पिछली पहेली में अब तक के रिकार्ड उत्तर आये साथ में सभी ने गीत को पहचान भी लिया। वो डॉयलाग फिल्म आंधी के मधुर गीत ‘तेरे बिना जिंदगी से कोई शिकवा तो नही‘ के मध्य से लिया गया था। इस खुबसूरत गीत को संगीतबद्ध किया था राहुल देव बर्मन ने और शब्दों से सजाया (यानि [...]

[ More ] January 8th, 2009 | 5 Comments | Posted in Romantic |

हाल चाल ठीक ठाक है, सब कुछ ठीक ठाक है

1971 में संपूरण सिंह कालरा निर्देशित फिल्म आयी थी, नाम था मेरे अपने और यही संपूरण सिंह यानि गुलजार के फिल्म निर्देशन की शुरूआत भी थी। इस फिल्म की कहानी एक विधवा और कुछ दिशाहीन, बेरोजगार और अनाथ युवक (युवकों) के इर्दगिर्द घूमती है। फिल्म में मुख्य भूमिका थी मीना कुमारी, विनोद खन्ना और शत्रुघ्न [...]

[ More ] November 23rd, 2008 | 5 Comments | Posted in Situational |

क्या मौसम है, ऐ दिवाने दिल चल कहीं दूर निकल जायें

गीत पहेली नंबर ४ जितनी आसान थी उतने जवाब आये नही लेकिन फिर भी अभी तक पूछी सभी पहेलियों का उत्तर कोई ना कोई सही दे ही दे रहा है। इस बार की पहेली का सही उत्तर बताया RA ने और उनसे ये उम्मीद तो हम कर ही सकते थे। ये क्लिप थी फिल्म दूसरा [...]

[ More ] November 13th, 2008 | 3 Comments | Posted in Romantic |
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