< Browse > Home / Archive by category 'Filmy'

| Mobile | RSS

ठुमक ठुमक पग दुमक कुंज मधु (अनकही) – पंडित भीमसेन जोशी

पंडित भीमसेन जोशी अपना सुर मिलाने हमसे बहुत दूर चले गये, आज इस पोस्ट के मार्फत उनको विनम्र श्रृद्धांजलि फिल्म अनकही के लिये गाये उनके इस विशेष गीत से। पंडितजी के बारे में मुझे कुछ मालूम नही था, और सबसे पहले उनके बारे में पता चला जब दूरदर्शन में पहली बार बजा “मिले सुर मेरा [...]

[ More ] January 25th, 2011 | 1 Comment | Posted in Classical |

दिल ढूँढता है फिर वो ही फुरसत के रात दिन

दुनिया के इस कोने से उस कोने तक मौसम की ऊठापटक जारी है और ऐसे ही इस साल के जाड़ों में हर सप्ताह पड़ने वाली बर्फवारी के बीच एक सुबह की खिली खिली धूप ने याद दिलायी, इस गीत की – दिल ढूँढता, है फिर वो ही, फुरसत के रात दिन। इस गीत को सुनते [...]

[ More ] January 22nd, 2011 | 1 Comment | Posted in Golden Melody, Happy Go Lucky |

ऐ गम-ए-यार बता, कैसे जिया करते हैं

रील और रियल लाईफ की एक सफल जोड़ी अभिनीत एक बोर और फ्लॉप फिल्म से लिये गये इस गीत की एक यूनिक खासियत है। इस फिल्म को मैंने छुटपन में लखनऊ दूरदर्शन में देखा था, जब हम पहाड़ों से जाड़ों की छुट्टियों में निकलते थे। तब पहाड़ों में तो दूरदर्शन आता नही था और वो [...]

[ More ] October 31st, 2010 | 3 Comments | Posted in Filmy |

किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार

अभी अभी राजकपूर की आवाज यानि मुकेश साहेब की वर्षगाँठ निकली है और जिस तरह से मैंने अनजाने ही सही उनको गीत गाता चल में भूला सा दिया वैसे ही समय की कमी के चलते वर्षगाँठ में भी उनके गाये किसी गीत का जिक्र तक नही किया। आज जब थोड़ा वक्त मिला तो सोचा मुकेश [...]

[ More ] August 31st, 2010 | 4 Comments | Posted in Golden Melody, Happy Go Lucky |

राखीः मेरे भैय्या मेरे चंदा, फूलों का तारों का सबका कहना है

आज राखी है यानि रक्षा बंधन यानि भाई-बहन का पर्व, अन्य त्यौहारों की तरह हिंदी फिल्मों में राखी पर भी काफी गीत लिखे गये हैं। इन गीतों में भाई और बहिन के प्यार को, एक दूसरे के लिये इनकी भावनाओं को बड़ी सुन्दरता से दिखाया गया है। इनमें से कुछ गीत स्पेशियली राखी के ऊपर [...]

[ More ] August 24th, 2010 | 5 Comments | Posted in Golden Melody, Situational |

दिल क्यूँ ये मेरा कहे जिन्दगी दो पल की

आप कभी पतंगों के पीछे भागे हैं, मेरा मतलब उन पतंगों से नही जो दिये की लौ की तरफ भागते हैं बल्कि काईट से है यानि पतंगबाजी वाली पतंग। अगर कभी आपने पतंग उड़ायी हो तो मालूम ही होगा शुरू शुरू में अक्सर जैसे ही वो थोड़ा ऊँचा जाती थी तो कोई दूसरा अपनी पतंग [...]

[ More ] April 28th, 2010 | 1 Comment | Posted in Filmy, New Songs, Romantic |

हाय रे तेरे चंचल नैनवा, कुछ बात करें रूक जायें

बालीवुड की फिल्मी दुनिया के कई ऐसे मधुर गीत हैं जो भूला बिसरा दिये गये हैं, किसी रेडियो स्टेशन या टेलीविजन के माध्यम से शायद ही सुनने को मिलते हैं। ऐसे ही एक गीत की बात आज कर रहे हैं जो 1965 में रीलिज फिल्म ऊँचे लोग से है। इस मधुर गीत को संगीतबध्द किया [...]

[ More ] March 5th, 2010 | 4 Comments | Posted in Filmy |

Holi: होली की मदहोशी आबिदा परवीन, शोभा गुर्टू और छन्नूलाल मिश्रा की आवाज के साथ

होली के अवसर पर लिखी इस पोस्ट में क्लासिकल और फिल्मी गीतों के द्वारा आनंद लेंगे होली की मस्ती का। अक्सर होली के आते ही फिजा में रेडियो और टेलिविजन के माध्यम से सुनायी पड़ते हैं होली के गीत। ये गीत मुख्यतया फिल्मी होते हैं और अक्सर चुनिंदा फिल्मों के वो ही चुनिंदा गीत होते [...]

[ More ] February 24th, 2010 | 8 Comments | Posted in Filmy, Holi Songs, Non Filmy, Raaga Based Songs |