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ऐ गम-ए-यार बता, कैसे जिया करते हैं

October 31st, 2010 | 3 Comments | Posted in Filmy

रील और रियल लाईफ की एक सफल जोड़ी अभिनीत एक बोर और फ्लॉप फिल्म से लिये गये इस गीत की एक यूनिक खासियत है। इस फिल्म को मैंने छुटपन में लखनऊ दूरदर्शन में देखा था, जब हम पहाड़ों से जाड़ों की छुट्टियों में निकलते थे। तब पहाड़ों में तो दूरदर्शन आता नही था और वो ही १ महीना होता था टीवी के लुत्फ उठाने का जो सिर्फ रात को ४-५ घंटे के लिये ही आता था।

बरहाल यादों से निकल के इस फिल्म की बात करते हैं जो हमारे सिर से ऐसे निकल गयी जैसे किसी पटरी से रेलगाड़ी। इस फिल्म के २ और गीत जो काफी खुबसूरत थे और हमें पता हैं, उनमें से एक मोहम्मद रफी और लताजी ने गाया था। जिसके बोल थे – पत्ता पत्ता, बूटा बूटा, हाल हमारा जाने है और दूसरा जिसे किशोर दा ने गाया था – प्यार को चाहिये क्या एक नजर एक नजर

अब आप को फिल्म का नाम तो पता चल ही गया होगा, जी हाँ एक नजर और इसके मुख्य कलाकार थे अमिताभ बच्चन और जया भादुड़ी। इस फिल्म के गीत लिखे थे मजरूह सुल्तानपुरी साहेब ने और संगीत दिया था लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने। और ये गीत ‘ऐ गम-ए-यार बता, कैसे जिया करते हैं’ अमिताभ बच्चन के ऊपर फिल्माया गया था। इसकी गीत की खासियत ये है कि जिसने इस गीत को गाया है उन्होंने अमिताभ के लिये सिर्फ और सिर्फ ये ही गीत गाया है, यानि पहला भी ये ही और अंतिम में। और उस मशहूर गायक का नाम है महेन्द्र कपूर साहेब जिन्होंने इस गीत को इस फिल्म में गाया था अमिताभ बच्चन के लिये।

अब इस खुबसूरत गीत के मजे लीजिये -

ऐ गम-ए-यार बता, कैसे जिया करते हैं
जिनकी तकदीर बिगड़ जाती है, क्या करते हैं।
ऐसी एक राह में जिससे वो ना गुजरेंगे कभी
यूँ ही बैठे हुए हम राह तका करते हैं।

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[नोटः अगर आप इस ब्लोग के रेगुलर पाठक हैं और सोच रहे हैं कि हमने अच्छा खासा टेंपलेट क्यों बदल दिया तो एक नजर इधर भी, पता चल जायेगा सारा अफसाना।]

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3 Responses to “ऐ गम-ए-यार बता, कैसे जिया करते हैं”

  1. अल्पना Says:

    भूला बिसरा सा यह गीत सालों बाद सुना..आभार.

  2. nirmla.kapila Says:

    सुन्दर गीत और जानकारी के लिये धन्यवाद।

  3. nirmla.kapila Says:

    ाच्छा गीत और जानकारी के लिये धन्यवाद।

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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