< Browse > Home / Golden Melody, Situational / Blog article: राखीः मेरे भैय्या मेरे चंदा, फूलों का तारों का सबका कहना है

| Mobile | RSS

राखीः मेरे भैय्या मेरे चंदा, फूलों का तारों का सबका कहना है

August 24th, 2010 | 5 Comments | Posted in Golden Melody, Situational

आज राखी है यानि रक्षा बंधन यानि भाई-बहन का पर्व, अन्य त्यौहारों की तरह हिंदी फिल्मों में राखी पर भी काफी गीत लिखे गये हैं। इन गीतों में भाई और बहिन के प्यार को, एक दूसरे के लिये इनकी भावनाओं को बड़ी सुन्दरता से दिखाया गया है। इनमें से कुछ गीत स्पेशियली राखी के ऊपर हैं, जो रक्षा बंधन मनाते हुए फिल्माये गये हैं तो कुछ का ऐसे ही जनरल फिल्मांकन किया हैं।

इनमें से कुछ बेहतरीन गीत हैं: लता मंगेशकर का गाया फिल्म छोटी बहन से -

भैय्या मेरे, राखी के बंधन को निभाना
भैय्या मेरे, छोटी बहन को ना भूलाना
देखो ये नाता निभाना, निभाना
भैय्या मेरे

सुमन कल्याणपुर का फिल्म रेशम की डोरी के लिये गाया गीत -

बहना ने भाई की कलाई से, प्यार बाँधा है
प्यार की एक डोर से संसार बाँधा है
रेशम की डोरी से-२
रेशम की डोरी से संसार बाँधा है

किशोर कुमार का फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा के लिये गाया ये गीत राखी त्यौहार के ऊपर तो नही है लेकिन बहन के प्रति भाई के प्यार और समर्पण की बेहतरीन मिसाल है, भाई बहन के प्यार के ऊपर लिखा गया वन आफ द बेस्ट।

फूलों का तारों का सबका कहना है
एक हजारों में मेरी बहना है
सारी उमर हमें संग रहना है

जीवन के दुखों से यूँ डरते नही हैं
ऐसे बच के सच से गुजरते नही हैं
सुख की है चाह तो, दुख भी सहना है
एक हजारों में मेरी बहना है

Audio clip: Adobe Flash Player (version 9 or above) is required to play this audio clip. Download the latest version here. You also need to have JavaScript enabled in your browser.

फिल्म अंजाना के लिये लता मंगेशकर ने एक और राखी गीत गाया था -

हम बहनों के लिये मेरे भैय्या
आता है एक दिन साल में -२
आज के दिन मैं जहाँ भी रहूँ
चले आना वहाँ हर हाल में
हम बहनों

आशा भोंसले का फिल्म काजल के लिये गाया ये गीत भी मुझे बहुत पसंद है -

मेरे भैय्या मेरे चंदा
मेरे अनमोल रतन
तेरे बदले मैं जमाने की
कोई चीज ना लूँ

तेरे चेहरे की महकती हुई लडियों के लिये
अनगिनत फूल उम्मीदों के चुने हैं मैंने
वो भी दिन आये कि उन ख्वाबों की ताबीर मिले
तेरे खातिर जो हसीं ख्वाब बुने हैं मैंने

Audio clip: Adobe Flash Player (version 9 or above) is required to play this audio clip. Download the latest version here. You also need to have JavaScript enabled in your browser.

लता मंगेशकर का गाया एक और गीत है फिल्म अनपढ़ के लिये – रंग बिरंगी राखी लेकर आयी बहना / ओ राखी बँधवा ले मेरे वीर-२

लता मंगेशकर ने मुकेश के साथ एक और गीत गाया था फिल्म बेईमान के लिये, जिसके बोल कुछ इस तरह से थे – ये राखी बंधन है ऐसा / जैसे चंदा और किरण का / जैसे बदरा और पवन का / जैसे धरती और गगन का / ये राखी बंधन है ऐसा

लता मंगेशकर ने शायद राखी के ऊपर सबसे ज्यादा गीत गायें है, एक और गीत है फिल्म चंबल की कसम से – चंदा रे मेरे भैय्या से कहना / ओ मेरे भैय्या से कहना, बहना याद करे / चंदा रे

मोहम्मद रफी का बहन के लिये गाया एक गीत है जो सुनने में बहुत कम आता है लेकिन गीत मधुर है, इसमें रफी का साथ शायद हेमलता ने दिया है -

ओ मेरी लाडली प्यारी बहना, रानी बहना
तू मेरे होते हुइ आंसुओं में नही बहना
मान लिया मैंने, तेरा कहना, यही कहना
बहना ओ मेरी लाडली

वैसे तो और भी बहुत गीत हैं लेकिन एक और गीत का जिक्र करना चाहूँगा जो १९८४ में आयी बाल फिल्म हम बच्चे हिंदुस्तान के लिये प्रीती सागर ने गाया था (गीतः सनम गोरखपुरी, संगीतः जमीर बिकानेरी), बोल कुछ ऐसे थे – ये रक्षा बंधन सबसे बड़ा त्यौहार है / बंधवा लो राखी बहना का दिल में प्यार है

अंत में, मेरे भैय्या मेरे चंदा के अलावा फिल्म राखी के लिये रवि का संगीतबद्ध एक और गीत है मोहम्मद रफी का गाया और राजेन्द्र कृष्ण का लिखा -

बँधा हुआ एक एक धागे से भाई बहन का प्यार
राखी धागों का त्यौहार – २
जितना कोमल कितना सुन्दर
भाई बहन का नाता
इस नाते को याद दिलाने
ये त्यौहार है आता

Leave a Reply 3,204 views |

शायद आप इन्हें भी पढ़ना-सुनना पसंद करें

Follow Discussion

5 Responses to “राखीः मेरे भैय्या मेरे चंदा, फूलों का तारों का सबका कहना है”

  1. राणा प्रताप सिंह Says:
  2. Nisha Says:

    Bahut achcha blog hai aapka.. aur aapki mehnet saaf nazar aati hai.Is sundar post k liye shukriya..aur mere protsaahan k liye bhi.

  3. SANJAY Says:

    बहुत खूब, लाजबाब !

  4. संजय भास्कर Says:

    बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

  5. bhuwan Says:

    I LOVE ALL THESE SONG BECAUSE I LOVE SAD SONG.

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

टिप्पणियों का शटर कुछ दिनों ही खुला रहता है। असुविधा के लिये हम से भूल हो रही है हमका माफी देयीदो, अच्छा कहो, चाहे बुरा कहो....हमको सब कबूल, हमका माफी देयीदो।