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हाय रे तेरे चंचल नैनवा, कुछ बात करें रूक जायें

March 5th, 2010 | 4 Comments | Posted in Filmy

बालीवुड की फिल्मी दुनिया के कई ऐसे मधुर गीत हैं जो भूला बिसरा दिये गये हैं, किसी रेडियो स्टेशन या टेलीविजन के माध्यम से शायद ही सुनने को मिलते हैं। ऐसे ही एक गीत की बात आज कर रहे हैं जो 1965 में रीलिज फिल्म ऊँचे लोग से है।

इस मधुर गीत को संगीतबध्द किया था चित्रगुप्त ने और लिखा था मजरूह सुल्तानपुरी ने और आवाज दी है लता मंगेशकर ने, साथ ही पीछे से बुदबुदाया या गुनगुनाया है महेन्द्र कपूर ने। आप जरूर सोच रहे होंगे ये पीछे से बुदबुदाना क्या होता है। अक्सर आपने देखा होगा और शायद खुद भी किया हो, जब किसी की या आपकी पसंद का कोई गीत रेडियो, टीवी या टेप में बज रहा हो तो साथ में पीछे से आप भी हल्की हल्की आवाज में गीत गुनगुनाने या बुदबुदाने लग जाते हैं। इस गीत को महेन्द्र कपूर ने इसी तरह से गाया है। रेडियो में ये गीत बजता है और ट्रांजिस्टर में गीत को सुनते हुए फिल्म का हीरो (नाम नही बता रहा हूँ क्योंकि चाहता हूँ आप अंदाजा लगायें गाने से पहले के डॉयलॉग सुनकर, हिंट उनका इंतकाल हुए ज्यादा वक्त नही हुआ है शायद पिछले १-२ सालों में) गीत को सुन सुन कर गुनगुनाता है।

ऊँचे लोग का एक और गीत काफी मधुर है जो मो रफी का गाया हुआ है, उसकी बात फिर कभी करेंगे। गीत से पहले २ मिनट के डॉयलॉग हैं जिसमें यस्टरईयर के तीन मेल अदाकारों की आवाज है क्या आप इनकी आवाज सुनकर इन्हें पहचान सकते हैं, ये तीनों ही अब हमारे बीच नही हैं और तीनों का ही कोई ना कोई अंदाज प्रसिद्ध रहा है।

हाय रे तेरे चंचल नैनवा, कुछ बात करें रूक जायें
खुलकर ये बातें कम करें, चुपके ही चुपके सितम करें
बस डोले ना कुछ बोले, पलकों से मुस्कायें
हाय रे तेरे चंचल नैनवा……

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4 Responses to “हाय रे तेरे चंचल नैनवा, कुछ बात करें रूक जायें”

  1. dinkar Says:

    बहुत सुरीला गीत है, फिरोज खान की आवाज भी बहुत अच्छी है

  2. dinkar Says:

    दूसरे राजकुमार भी हैं

  3. समीर लाल Says:

    आभार!

  4. संजय भास्कर Says:

    बहुत सुरीला गीत है,

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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