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तुम्हारा इश्क इश्क और हमारा इश्क बच्चा है जी

याद है वो एक पुराना विज्ञापन जो टीवी में आता था जिसमें एक महिला अपने पति को कहती थी, अब तो बड़े बन जाईये। याद है वो टाईम जब आप को कहा जाता था, ये जिद वगैरह छोड़ो अब तुम बच्चे नही हो, बड़े हो गये हो या फिर ये बच्चों जैसी हरकतें छोड़ो और [...]

[ More ] January 30th, 2010 | 9 Comments | Posted in Filmy, Romantic, Situational |

सूरज जरा, आ पास आ, आज सपनों की रोटी पकायेंगे हम

संगीत किसी भी गीत की मधुरता के लिये चार चाँद लगाने का काम करता है, किसी भी गीत के कर्णप्रिय या मधुर होने का ज्यादातर श्रेय या तो संगीतकार को चला जाता है या इसके गाने वाले को। उस गीत को लिखने वाले का नाम बहुत कम ही लिया या याद किया जाता है। आज [...]

[ More ] January 16th, 2010 | Comments Off | Posted in Filmy, Situational |