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पीतल की मेरी गागरी दिल्ली से मोल मंगायी रे

August 22nd, 2009 | 5 Comments | Posted in Situational

अफलातूनजी ने जब जयदेव का संगीत सुनाया तो मुझे ध्यान आया ये गीत, वैसे तो जयदेव साहब के संगीतबद्ध किये बहुत सारे मधुर गीत हैं लेकिन मुझे ये थोड़ा जुदा लगता है। ये गीत शायद बहुत कम लोगों ने सुना हो ये भी एक वजह है इसे सलेक्ट करने की।

इस गीत को लिखा है कैफी आजमी साहेब ने और गाया है मीनू पुरूषोत्तम और परवीन सुल्ताना ने, कहने की जरूरत नही संगीत जयदेव साहब ने दिया है और ये गीत है फिल्म “दो बूँद पानी” से।

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5 Responses to “पीतल की मेरी गागरी दिल्ली से मोल मंगायी रे”

  1. nirmla.kapila Says:

    बहुत सुन्दर पहली बार सुना ये गीत आभार्

  2. maya bhatt Says:

    अति सुंदर ,दिल खुश हो जाता है और कुछ उदास भी ………..

  3. jabie husain Says:

    hi
    really this song very nice I listen this song 1st time thanks I hope we will be listen on future

  4. karan Says:

    really this song very nice I listen this song 2st time thanks I hope we will be listen on future

  5. Vinod Kumar Nagpal Says:

    Sweet memories…and message to save water..it’s a significant even today..

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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