< Browse > Home / Romantic / Blog article: गीत पहेली १० का उत्तरः सुनिये जाना क्या प्यार में शर्माना

| Mobile | RSS

गीत पहेली १० का उत्तरः सुनिये जाना क्या प्यार में शर्माना

June 3rd, 2009 | No Comments | Posted in Romantic

पहेली हल करने की कोशिश सिर्फ ३ लोगों ने की इसलिये सोच रहा हूँ क्या गीत पहेली पूछने के लिये मुझे मेहनत करनी चाहिये या इसे बंद ही कर दूँ। पहेली का ठीक ठीक हल कोई नही बता पाया लेकिन महेन और अल्पना का निशाना टार्गेट से थोड़ा इधर-उधर हो गया। महेन ने गायिका का नाम सही बताया तो अल्पना ने गायक का, गीत या फिल्म कोई नही बता पाया, मुझे हिंट वाले शब्द यानि आसमान और दीया बोल्ड करने चाहिये थे। आसमान का पर्यायवाची होता है आकाश और दीया का दीप, और जिस फिल्म से ये गीत पूछा था वो थी आकाशदीप। अल्पना, निर्मला और महेन तीनों को कोशिश करने के लिये बहुत बहुत शुक्रिया।

महेन को गायक के नाम पर कन्फ्यूजन वाजिब था क्योंकि अपने शुरू के दिनों में गाये ज्यादातर गीतों में, महेन्द्र कपूर की गायकी में रफी की झलक साफ नजर आ थी कुछ वैसे ही जैसे मुकेश साहेब की गायकी में के एल सहगल का प्रभाव दिखता था।

1965 में रीलिज हुई आकाशदीप से लिये इस गीत के बोल हैं, “सुनिये जाना क्या प्यार में शर्माना कुछ हम भी सुनायें कुछ तुम भी कहो”। इस गीत को गाया है महेन्द्र कपूर और लता मंगेशकर ने, इस गीत के बोल लिखे हैं मजरूह सुल्तानपुरी साहेब ने और संगीत से सजाया है चित्रगुप्त ने। फिल्म में ये गीत धर्मेन्द्र और नंदा के ऊपर फिल्माया गया है। इसी फिल्म का एक दूसरा खुबसूरत गीत है जिसे मोहम्मद रफी ने गाया था और उसके बोल हैं “मुझे दर्दे-दिल का पता ना था, मुझे आप किस लिये मिल गये”।

गीत पहेली में पूछे गीत को पूरा सुनियेः

Audio clip: Adobe Flash Player (version 9 or above) is required to play this audio clip. Download the latest version here. You also need to have JavaScript enabled in your browser.

Leave a Reply 2,454 views |

शायद आप इन्हें भी पढ़ना-सुनना पसंद करें

Comments are closed.

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

टिप्पणियों का शटर कुछ दिनों ही खुला रहता है। असुविधा के लिये हम से भूल हो रही है हमका माफी देयीदो, अच्छा कहो, चाहे बुरा कहो....हमको सब कबूल, हमका माफी देयीदो।