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लता मंगेशकर की आवाज में एक दिन हँसाना एक दिन रूलाना

May 26th, 2009 | 2 Comments | Posted in Happy Go Lucky

मैं जब दिल्ली में था तो मैंने एक कैसेट बनायी थी जिसमें प्रेरणा देने वाले गानों को रिकार्ड करके रखा था फिर यहाँ आकर उन्होंने कंप्यूटर में अपनी जगह बना ली। ऐसे ही गीतों की खोज करने में मुझे एक गीत और मिला जो मैंने सुना जरूर था लेकिन जिसका मुझे बिल्कुल भी याद नही है। सुनने का इसलिये कह रहा हूँ क्योंकि जिस फिल्म का ये गीत है उसे बचपन में देखे की मुझे अभी भी याद है। आज फिर उसे सुनकर सुप्तावस्था में पढ़ी ब्लोगिंग की याद सी आ गयी।

बचपन की बात है, उन दिनों शायद दूरदर्शन में सिर्फ रविवार के दिन फिल्में आती थी विक्रम-बेताल के बाद, उसी बुद्धू बक्से में मैंने ये फिल्म देखी थी नाम था बेनाम, जो कि 1974 में पहली बार रीलिज हुई थी। इसके मुख्य कलाकारों में थे अमिताभ बच्चन जिन्होंने फिल्म में अपने असली नाम यानि अमित श्रीवास्तव नाम का किरदार निभाया था। आप में से शायद बहुत कम लोगों को मालूम होगा (मुझे भी इसी पोस्ट को लिखते लिखते पता चला) कि अमित श्रीवास्तव अमिताभ बच्चन का असली नाम था लेकिन उनके पिता ने अपनी किताबों के पब्लिकेशन के वक्त अन्य लेखकों की तरह एक दूसरा नाम यूज किया जो था बच्चन और फिर यही उनकी पहचान बन गया। फिल्म में उनकी श्रीमति बनी थीं मौसमी चटर्जी, जिनको गाते हुए ही ये गीत फिल्माया गाया है।

गीत के बोल आशावादी हैं जिनमें आशावाद के भावों को लोरी की तरह उपयोग में लिया गया है, इस खुबसूरत गीत को लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी साहेब ने और संगीत दिया है राहुल देव बर्मन ने। खुबसूरत गीत को उतनी ही मधुरता के साथ गाया है लता दी यानि लता मंगेशकर ने।

एक दिन हँसाना, एक दिन रूलाना
जीवन की रीत पुरानी
फिर तेरी पलकें काहे को छलके
सो जा रे नींद सुहानी

अब इसी गीत का सुनकर मजा लीजिये:

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2 Responses to “लता मंगेशकर की आवाज में एक दिन हँसाना एक दिन रूलाना”

  1. PN Subramanian Says:

    इस गीत को हमने पहले नहीं सुना था. अच्छा लगा. यह गाना हिट नहीं हुआ होगा.

  2. hempandey Says:

    लता मंगेशकर, मजरूह सुलतानपुरी और आर.डी.वर्मन जैसे दिग्गजों के संगम द्वारा प्रस्तुत इस मधुर लोरी को सुनाने के लिए धन्यवाद.

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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