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सुनिये मन्ना डे और लता मंगेशकर का गाया गीत “शाम ढले जमुना किनारे”

April 3rd, 2009 | 11 Comments | Posted in Filmy, Raag Khamaj, Raaga Based Songs

जब मैं दिल्ली में था तब इस गीत को बहुत सुनता था, इस गीत को मन्ना दा ने इतनी मधुरता से गाया है कि बस सुनते जाओ और रिप्ले करते जाओ। राग खमाज (Khamaj) पर बेस्ड ये गीत है फिल्म पुष्पांजली से जो 1970 में रीलिज हुई थी।

संगीत दिया था लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने, आवाज से सवाँरा था मन्ना दा और लता मंगेशकर ने। और इस फिल्म के गीत लिखे थे आनंद बक्षी साहेब ने, इस फिल्म के लगभग सभी गीत बहुत मधुर थे। एक दूसरा बहुत खुबसूरत गीत मुकेश की आवाज में था, बोल थे – “जाने चले जाते हैं कहाँ, दुनिया से जाने वाले“।

किशोर साहू की बनायी इस इस फिल्म में मुख्य कलाकार थे संजय खान, नैना साहू, किशोर साहू और प्रेमनाथ। शाम ढले के बोल कुछ इस तरह हैं -

शाम ढले जमुना किनारे, किनारे
आजा राधे आजा तूझे श्याम पुकारे
शाम ढले जमुना किनारे, किनारे
आजा राधे आजा तूझे श्याम पुकारे
कभी रूके, कभी चले राधा चोरी चोरी
पिया कहे आ, जिया कहे नही गोरी
शाम ढले …

राधा शरमाये, मनवा घबराये
पनिया भरने वो, जाये ना जाये
हय्या हो
खड़ी सोचे ब्रज बाला, ब्रज में है होरी
कान्हा रंग देंगे मोहे हाये बरजोरी
लोग कर देंगे ये इशारे, इशारे
आजा राधे आजा…..

कोई कहे श्याम से ना बांसुरी बजाये
चैन किसी का वो चितचोर ना चुराये
डगमग ढोले जिया की नैया -२
चले जब पुरवय्या, छेडे बंसी कन्हैया
जादू भरे नैना डाले, नैनवा की डोरी
सोये सारा जग, जागे एक चकोरी
रात कटे गिन गिन के तारे, तारे
आजा राधे आजा…

पनघट पर सखियाँ, करती हैं बतिया
मोहन से लागी राधा की अंखियां
जो भी मिले यही पूछे, सुन ओ किशोरी
गयी कहाँ निंदिया रे, बिंदिया तोरी
राम कसम छेड़ेंगे सारे, सारे
आजा राधे आजा….
शाम ढले जमुना किनारे, किनारे
आजा राधे आजा, तूझे श्याम पुकारे।

लीजिये अब सुनिये इस मधुर गीत को:

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11 Responses to “सुनिये मन्ना डे और लता मंगेशकर का गाया गीत “शाम ढले जमुना किनारे””

  1. अशोक पाण्‍डेय Says:

    बढि़या गीत है। भाई, आपकी पंसद के हम कायल हैं :)

  2. shobha Says:

    सुन्दर प्रस्तुति।

  3. mahen Says:

    वाह तरुण भाई ये गीत तो पहली बार सुना..

  4. anitakumar Says:

    mera bhi favorite

  5. pushp Says:

    beautiful evergreen song
    thanks tarun

  6. dhiresh pant Says:

    natural depiction of deep feelings of heart & romantic perceptions in the most decent and simple style and lively form is the depth of the song my hats off
    dhiresh pant

  7. Rahul nagar Says:

    Uttranchal is a most beautifull place in world….
    like a laxman jhulla, Ram jhulla,Rishikesh And meni other place in uttranhcal and tempal’s ……..

  8. dhiresh pant Says:

    i love it; i hope the thoughts lead to the heart of who love others ,for generating deep feelings in life ,which leads to tranquility, and perrinial peace ,that is —life that is— the start and —end of start
    your efforts to propagate the same is true love
    with love
    imaginations

  9. Himanshu Kumar Pant Says:

    Hi…
    I listen this song first time. Really I like this songs. This is unique songs. I am trying to learn its music, but it is difficult to learn.

    Thanks for This nice song.

  10. m s waldia Says:

    your ever improving and melodious songs will be further complimented if you can give karaoke wordings too…Aprreciate ypur very sincere efforts for bringing pahadies to a common cultural dharatal…

  11. Rajendra Dubey Says:

    This is heartiest geet.

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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