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दिल विल प्यार व्यार – कुछ बातें कुछ गीत (एपिसोड २)

February 2nd, 2009 | 5 Comments | Posted in For Your Valentine, Romantic

[प्यार एक ऐसा एहसास है जिसे जिंदगी के किसी ना किसी मुकाम में हर कोई महसूस करता है। उम्र के साथ साथ इसके मायने भले ही बदलते जाते हो लेकिन प्यार एक एहसास बन हमारे अंदर कहीं ना कहीं रहता ही है। फरवरी यानि बसंत का महीना, उमंग का महीना, वैलेंटाईन का महीना यानि प्यार का महीना, ये पूरा महीना इसी प्यार के नाम।]

पिछले एपिसोड में हमने प्यार की अलग अलग स्टाईल के बारे में बताया था, आज इसके अलग अलग डाइमेनशन देखते हैं। प्यार के अनुभव को तीन लेवल या डाइमेनशन में बाँटे (Sternberg, 1988) तो वो हैं – अंतरंगता या आत्मीयता (intimacy), प्रतिबद्धता या वचन बद्धता (commitment) और मदहोशी या लालसा (passion)। अब अलग अलग प्यार के प्रकार में इन तीनों में क्या पाया जाता है वो देखते हैं -

Intimacy Passion Commitment
Non Love - - -
दोस्ती (Liking) + - -
पहली नजर का प्यार (Infatuated Love) - + -
संस्कृति के हिसाब से रिश्ते की शुरूआत या अंत, उदाहरण के लिये अरेंजड मैरिज जिसमें बाकि दो चीजें बाद में पनपती हैं या ये दोनों चीजें खत्म होने पर बच्चों की खातिर या किसी और वजह से साथ रहना (Empty Love) - - +
Romantic Love + + -
गाढ़ी दोस्ती, बेस्ट फ्रैंड (Companionate Love) + - +
पहली नजर का प्यार जो एक दूसरे को जाने बिना लोंग टर्म रिश्ते में तब्दील हो जाता है, बहुत इंटेंस होता है (Fatuous Love) - + +
संपूर्ण या परिपूर्ण प्यार (Consumate Love) + + +

अब आपके प्यार में किसकी अधिकता है ये देखकर अनुमान तो आप लगा ही सकते हैं वो किस कैटेगरी में फिट बैठेगा। ज्यादातर या मुझे कहना चाहिये अक्सर प्यार की परिणीति शादी होती है, विवाह से जुड़ी कुछ बातें करेंगे अगले एपिसोड में।

और अब एक गीत: माला एक रात गुरूदत्त के सामने आ खड़ी हुई, जुल्फें खुली थीं बिखरी थीं, और आंचल थोड़ा सरका हुआ। माला को इस रूप में देखकर देखिये गुरूदत्त का क्या हाल हुआ।

TU MERE SAMNE HAI….

1964 में गुरूदत्त और माला सिन्हा अभिनीत फिल्म आयी थी सुहागन, इसी फिल्म का ये गीत है – तू मेरे सामने है, तेरी जुल्फें हैं खुली। इस फिल्म में संगीत दिया था मदन मोहन ने, और इस गीत को लिखा था हसरत जयपुरी ने। कहने की जरूरत है क्या इस गीत को इस अंदाज के साथ एक ही गायक गा सकता है और वो है मो. रफी।

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5 Responses to “दिल विल प्यार व्यार – कुछ बातें कुछ गीत (एपिसोड २)”

  1. nirmla.kapila Says:

    bahut bahut shukria sunder geet sunaane ke liye aur piar ki paribhasha ke liye

  2. alpana Says:

    प्यार को भी वर्गीकृत कर दिया गया!
    बहुत खूब!
    इन ढाई अक्षरों का आप ने अच्छा विश्लेषण किया है.
    गीत भी खूबसूरत है.

  3. nitu Says:

    hamnr

    हमने नजर डाली थी प्यारी की स्टाईल और प्यार की कैटेगरी पर। प्यार के बाद आता है शादी का नंबर, [...]

    प्यार एक ऐसा एहसास है जिसे जिंदगी के किसी ना किसी मुकाम में हर कोई महसूस करता है। उम्र के साथ साथ इसके मायने भले ही बदलते जाते हो लेकिन प्यार एक एहसास बन हमारे अंदर कहीं ना कहीं रहता ही है। फरवरी यानि बसंत का महीना, उमंग का महीना, वैलेंटाईन का महीना यानि प्यार का महीना, ये पूरा महीना इसी प्यार के नाम।]

  4. maya bhatt Says:

    aaj subah hi ye geet gungunaya aur abhi sun bhi liya,kya baat hai!!!!!!!!!!!!thanks

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  1. दिल विल ३: हमने देखी है उन आँखों की महकती खुशबू  

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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