दिल विल ७: झिलमिल सितारों का आँगन होगा और एक तेरा साथ हमको
आज के ये दोनों गीत स्पेशल हैं, वजह? वजह थोड़ा खास है क्योंकि ये किसी को समर्पित हैं। प्यार से शुरू हुआ दिल विल का सफर विवाह तक पहुँचा। विवाह के बाद दो जिस्म एक जान हो जाते हैं, नये-नये ख्वाब सजाये जाते हैं। एक दूसरे के दुख दर्द और खुशी में हर पल साथ रहा जाता है, कुछ इसी तरह के मूड के हैं ये दो गीत।
कुछ सालों पहले आज के दिन ही हम भी वो लड्डू खा बैठे थे जिसके लिये ज्ञानी जन बड़ी बड़ी बातें कह गये हैं। आज के ये दोनों गीत समर्पित हैं हमारे बेटर हॉफ को, वाइफी दिस इज फॉर यू।
और अब गीत: पहला गीत है “झिलमिल सितारों का आँगन होगा रिमझिम बरसता सावन होगा“, जो कि मो. रफी और लता मंगेशकर ने फिल्म जीवन-मृत्यु के लिये गाया था। ये फिल्म 1970 में राजश्री के बैनर तले आयी थी और इसे सत्येन बोस ने निर्देशित किया था, इस गीत का फिल्मांकन धर्मेन्द्र और राखी गुलजार के ऊपर हुआ था।
फिल्म में संगीत दिया था लक्ष्मीकांत शांताराम कुदलकर और प्यारेलाल रामप्रसाद शर्मा ने, जिन्हें हम लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी के रूप में जानते हैं। और इस खुबसूरत गीत को लिखा था आनंद बख्शी साहब ने।
दूसरा गीत भी मो. रफी और लता मंगेशकर का ही गाया हुआ है, और इसका संगीत भी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का ही है। ये गीत “एक तेरा साथ हमको दो जहान से प्यारा है, ना मिले संसार तेरा साथ तो हमारा है” फिल्म वापस का है जो सन् 1969 में रीलिज हुई थी, यही नही इस फिल्म का निर्देशन भी सत्येन बोस का ही था। इस गीत को खुबसूरत बोलों से सजाया है मजरूह सुल्तानपुरी साहब ने।













कुछ सालों पहले आज के दिन ही हम भी वो लड्डू खा बैठे थे जिसके लिये ज्ञानी जन बड़ी बड़ी बातें कह गये हैं। आज के ये दोनों गीत समर्पित हैं हमारे बेटर हॉफ को, वाइफी दिस इज फॉर यू।
“आप दोनों को शादी की सालगिरह बहुत बहुत मुबारक हो…… हम्म अब समझ आया ये पिछले दिनों से विवाह पुराण क्यों चल रहा था ब्लॉग पर…….विवाह के तरीके वगेरह हा हा हह ह ह ….(just joking ) भगवान् आप दोनों का साथ यूँही हमेशा बनाये रखे…इसी शुभकामनाओ के साथ..”
Regards