दिल विल ३: हमने देखी है उन आँखों की महकती खुशबू

पिछले दो एपिसोड में हमने नजर डाली थी प्यारी की स्टाईल और प्यार की कैटेगरी पर। प्यार के बाद आता है शादी का नंबर, देखते हैं प्राचीन भारत में हिन्दू धर्म में कितने तरह से विवाह होते थे। कई लोग पहले आपस में प्यार करते हैं फिर इस रिश्ते को शादी में तब्दील करते हैं तो कई की पहले शादी होती है और फिर उस रिश्ते में धीरे धीरे प्यार। प्राचीन भारत में इतिहासकारों ने शादियों को आठ प्रकार में बाँटा है -ब्रहमा (Brahma), दैवा (Daiva), अर्शा (Arsha), प्रजापत्या (Prajapatya), गंधर्व (Gandharva), असुरा (Asura), राक्षसा (Rakshasa), पिचासा (Paishacha)। इन अलग-अलग शादियों में कल थोड़ा और विस्तार से नजर डालेंगे।

और अब एक गीत: पिछले दो एपिसोड के बाद हमने इन मोहतरमा से पूछा कि आप अपने प्यार को इसमें से कौन सा नाम देंगी, तो उन्होंने कुछ यूँ जवाब दिया।

Humne dekhi hai un…

1969 में आयी फिल्म खामोशी का ये गीत है जिसके खुबसूरत बोल लिखे हैं गुलजार ने और इस मधुर संगीत को दिया है (था) हेमंत कुमार ने और इसे गाया है लता मंगेशकर ने। वहीदा रहमान के ऊपर ये गीत फिल्माया गया था।

Share and Enjoy:
  • E-mail this story to a friend!
  • Google
  • del.icio.us
  • Technorati
  • Live
  • Facebook
  • MySpace
  • Digg
  • StumbleUpon
  • TwitThis
  • YahooMyWeb
Tags: , , , and posted in For Your Valentine, Romantic

शायद आप इन्हें भी पढ़ना-सुनना पसंद करें

Comments

बहुत प्यारा गीत है तरुण जी
लेकिन शायद इसे वहीदा जी पर नहीं फिल्माया गया बल्कि इसे रेडियो पर स्नेहलता गातीं है.

@दिनकर जी, आपकी बात भी सही है, दरअसल ये गीत रिकार्ड प्लेयर में पार्श्व में चलता है और कैमरा वहीदा रहमान और राजेश खन्ना के ऊपर घूमता रहता है। ये फिल्म भी बहुत अच्छी थी।

bahut hi pyara geet hai..lekin is ka filamankan sahi nahin hua…gane mein bolon ki syncing bhi sahi nahi dikhti–film to bahut achchee hai,,

–shadiyon ke bhi itne prakaar??bahut hi rochak hai! classification ke details intzaar rahega.

प्राचीन भारत में इतिहासकारों ने शादियों को आठ प्रकार में बाँटा है -ब्रहमा (Brahma), दैवा (Daiva), अर्शा (Arsha), प्रजापत्या (Prajapatya), गंधर्व (Gandharva), असुरा (Asura), राक्षसा (Rakshasa), पिचासा (Paishacha)
” आश्चर्य हमने तो तो ही विवाह सुने थी “love विवाह and arrange विवाह ” हा हा हा हा but interesting to know …..गीत no doubt बेहद खुबसुरत है…..”प्यार कोई बोल नही प्यार आवाज नही …एक खामोशी है कहती है सुना करती है……इस प्यारे गीत के लिए आभार..”

Regards

शादियों के प्रकार जानना रोचक रहा. गीत तो बहुत सुन्दर हमेशा से है ही.

सीमा जी: एक और तरह का विवाह बिहार में प्रचलित है लट्ठ की दम पर. :) तो अब आपके पास ३ काउन्ट हो गये. ५ और जुगाड़ने है फिर आप भी इतिहासकार टाइप हो जायेंगी.

” आदरणीय समीर जी….ये तीसरा तरह का विवाह जो बिहार में प्रचलित है लट्ठ की दम पर…..ये तो कमाल का है….मगर अफ़सोस हमे पहले नही पता था….वरना हम तो इसी को अपनाते विवाह का विवाह दादागिरी की दादागिरी …हा हा हा हा …(apart from joke) ज्ञानवर्धन के लिए आभार..”

Regards

मेरा ऑल टाइम फ़ेवरेट गाना है ये तो.. गुलज़ार साहब के शब्दो ने जिंदा रखा है इस गीत को..

यह गाना बेहद पसंद है .रोचक लगा शादी के शेड जानना :)

खामोशी का अमर गीत है……जिसे म्यूजिक देना भी शायद उतना ही मुश्किल था……ओर मेरे फेवरेट में से एक…कभी रजनीगंधा का ….”कई बार यूँ भी देखा है ये जो मन की सीमा रेखा है “सुनवाए

यहाँ तो नई-नई बातें पता चल रही है ।

गीत के बारे मे क्या कहना है । लाजवाब !

काश ऐसायीच सोचते लोग ! व्याह के प्रकारों की जानकारी शोधपूर्ण है !

[...] पिछले एपिसोड में मैंने शादी के आठ प्रकार बताये थे, आज उनमें से कुछ के बारे में बताते हैं कि वो किस तरह के विवाह होते थे। [...]

bahut hi piara geet hai bahut bahut dhanyvaad

Leave a comment

(required)

(required)