दिल विल प्यार व्यार - कुछ बातें कुछ गीत (एपिसोड १)
[प्यार एक ऐसा एहसास है जिसे जिंदगी के किसी ना किसी मुकाम में हर कोई महसूस करता है। उम्र के साथ साथ इसके मायने भले ही बदलते जाते हो लेकिन प्यार एक एहसास बन हमारे अंदर कहीं ना कहीं रहता ही है। फरवरी यानि बसंत का महीना, उमंग का महीना, वैलेंटाईन का महीना यानि प्यार का महीना, ये पूरा महीना इसी प्यार के नाम।]
वैसे तो प्यार को परिभाषित करना या उसकी व्याख्या करनी इतनी सहज नही है लेकिन करने वालों ने फिर भी ये कोशिश की है। इसी कोशिश में इन्होंने प्यार की स्टाईल को परिभाषित किया है। पहले आपको प्यार की कुछ स्टाईल के बारे में बताते हैं, ये हैं - ईरोज (Eros) जो कि ग्रीक शब्द से बना है जिसका मतलब होता है पहली नजर का प्यार (Love at first sight) और ये बाहरी आकर्षण से उत्पन्न होता है। दूसरा है स्टोर्ज (Storge), जिसमें किसी के प्रति धीर धीरे लगाव, आसक्ति या झुकाव उत्पन्न होता जाता है। तीसरा है लुडोज (Ludos) जो कि छेड़खानी वाला प्यार होता है।
और होता है प्रगमा (Pragma), जिसमें मिलकर काम करने की बात होती है, परस्पर सहयोग होता है, समझौता होता है। या फिर मानिया (Mania), जो शायद सबसे खतरनाक होता है क्योंकि इसमें ईर्ष्या होती है और इसमें दूसरे पर इंसान सिर्फ अपना ही हक समझता है। ये सिर्फ एक खाली विमोह होता है और कुछ नही। एक और स्टाईल होती है, ऐगपे (Agape), जो बदले में कुछ पाने की आशा बगैर किया जाता है यानि caring without self interest। बाकि बातें अगले एपिसोड में…लेकिन दाहिनें तरफ दिये पोल (poll) का जवाब जरूर दें, फिर कल एपिसोड में देखियेगा आप का प्यार किस कैटेगरी में आता है।
और अब एक गीत: प्यार चाहे पहली नजर में हो या धीरे धीरे लेकिन एक बार जब नजरें टकरा जाती हैं, तो हाल कुछ ऐसा ही होता है …
Zara Sun Haseena E… 1963 में फिल्म आयी थी कौन अपना कौन पराया, उसी फिल्म का ये गीत है - जरा सुन हसीना-ऐ-नाजनीन। इस गीत को शकील बँदायूनी ने लिखा था और संगीत दिया था रवि ने। आवाज तो आप पहचान ही गये होंगे, ये हैं मो. रफी साहेब।
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Comments
Thanks Traun.
This is Gitaji’s favorite song.
You must send a link to the tristate mail.
I love Rafi sahib’s songs and have played this one recently in my radio show,under a theme called Naazneena.
[...] पिछले एपिसोड में हमने प्यार की अलग अलग स्टाईल के बारे में बताया था, आज इसके अलग अलग डाइमेनशन देखते हैं। प्यार के अनुभव को तीन लेवल या डाइमेनशन में बाँटे (Sternberg, 1988) तो वो हैं - अंतरंगता या आत्मीयता (intimacy), प्रतिबद्धता या वचन बद्धता (commitment) और मदहोशी या लालसा (passion)। अब अलग अलग प्यार के प्रकार में इन तीनों में क्या पाया जाता है वो देखते हैं - [...]
ES GEET KO SUN KAR MUJHE APNE BITE HUYE LAMHOO KI YAD
TAJA KARATI HAIN (I LOVE YOU RAJANI I MISS U VERY MUCH)
madhu prayaas kar rahe hai aap. achchha laga. pahali aar iss blog se ru-bru hua. badhai issi tarah sumadhur jankaariyaan au geet-sangeet ka aanand dete rahe.













पहली बार इस साइट पर आया। प्यार के बारे में ये पहली बार पता चला, धनयवाद और ये गीत पहली बार सुना मजा आ गया।