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पत्थर से शीशा टकरा के वो कहते हैं दिल टूटे ना

January 19th, 2009 | 9 Comments | Posted in Happy Go Lucky

वक्त के सांचे में अपनी जिंदगी को ढाल कर, मुस्कुराओ मौत की आँखों में आँखें डालकर“, इन बेहतरीन लाईनों के साथ शुरू होता गीत “पत्थर से शीशा टकरा के” जिसे पहेली ८ में पहचानने को कहा गया था। ये खुबसूरत गीत है फिल्म सावन को आने दो से, राजश्री प्रोडक्शन की १९७९ में आयी इस फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष था इसका गीत-संगीत और फिल्म में मुख्य भूमिका अदा की थी अरूण गोविल, जरीना वाहब, रीता भादुड़ी और अमरीश पुरी ने।

इस फिल्म में बहुत ही मधुर संगीत दिया था राजकमल ने जबकि इस फिल्म के दिल छू लेने वाले दस गीत लिखे थे आठ अलग अलग गीतकारों ने, इस फिल्म के अन्य गीतों के बारे में फिर बात करेंगे। इस “पत्थर से शीशा टकरा के” गीत को लिखा था फौक जामी (फॉक जामी) ने और इसे गाया था एक कम पोपुलर गायक आनन्द कुमार सी ने। फौक जामी ने इस फिल्म के २ अन्य गीत भी लिखे थे यानि कि बाकी अन्य सात गीतकारों ने एक-एक गाना लिखा था।

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रिजल्ट – पहेली ८ का सही उत्तर बताया दिनकर जी ने, इन्होंने गीत और गायक दोनों को ही पहचान लिया। यूनुस भाई बख्शीदा से कन्फ्यूज हो गये, जबकि अल्पना, ममता और दिनेश जी ने भी कोशिश की लेकिन पहचान नही पाये। निर्मला कपिला जी ने पिछली बार की तरह ही इस बार भी हौसला अफजाई की। आप सभी लोगों का बहुत बहुत शुक्रिया, आशा है आप आगे भी चैलेंज लेते रहेंगे।

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9 Responses to “पत्थर से शीशा टकरा के वो कहते हैं दिल टूटे ना”

  1. jitendra bhagat Says:

    मधुर संगीत सुनवाने के लि‍ए आभार तरूण जी।

  2. alpana verma Says:

    haan main ne is gayak ka aaj pahli baar yah naam suna hai-in ki awaaz mein manna dey ka touch hai-

    naye[mere liye] gayak se parichay hua.–aap ka abhaar–

    Dinkar ji ko badhayee .

    agli paheli ka intzaar rahega.
    bahut der buffer karta raha–geet nahin sun paa rahi hun-dobara check karti hun.

  3. dinkar Says:

    तरुण भाई, आनन्द कुमार बहुत ऊंचे जा सकते थे अगर ये सिर्फ एक काम करते, इन्होंने गीत लिखे, फिल्मे लिखीं, डायलोग लिखे, एक्टिंग की और भी बहुत कुछ किया

  4. nirmla.kapila Says:

    tarun ji hame to aapke geetoM kaa chunaav achha lagta hai itni ab yadaasht nahi ki aapki paheli me shaamil ho saken

  5. mamta Says:

    सच मे बहुत मुश्किल थी वो पहेली हालांकि वो फ़िल्म और उस फ़िल्म के गाने बहुत पसंद थे ।

    सुबह-सुबह इस भजन को सुनकर अच्छा लग रहा है ।

  6. ranju Says:

    पहेली मुश्किल थी .जीत की बधाई

  7. dr.anurag Says:

    हमें तो आपका नया टेम्पलेट भला लगा जी.

  8. seema gupta Says:

    “sbhi vijetaon ko bdhai”

    Regards

  9. Tarun Says:

    @अल्पना, यहाँ तो सही चलता है, कह नही सकता दूसरों को भी ये समस्या आती हो क्योंकि किसी और ने अभी तक तो कुछ कहा नही। देखता हूँ अगर कुछ पता चलता है तो।

    @दिनकरजी, इस जानकारी के लिये आभार, वैसे इन्होंने कुछ और फिल्मों के गीतों में भी अपनी आवाज दी थी जिनमें एक सत्ता पे सत्ता भी थी।

    @निर्मलाजी, मैं अपनी पसंद के गीत ही सुनाता हूँ, अच्छा लगता है जब वो दूसरों को भी पसंद आते हैं।

    @अनुराग, शुक्रिया, आपको पसंद आया अपनी मेहनत सफल हो गयी।

    @रंजू, सीमा, ममता और जितेन्द्र, :)

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

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