< Browse > Home / Geet Paheli (Music Quiz) / Blog article: गीत पहेली क्रमांक – २

| Mobile | RSS

गीत पहेली क्रमांक – २

October 24th, 2008 | 9 Comments | Posted in Geet Paheli (Music Quiz)

आज पेश है पहेली नंबर २, आज की ये पहेली थोड़ा आसान है। ये गीत पहचानने के लिये हम आपको कुछ हिंट दे रहे हैं – पहला ये लता और आशा दोनों में से किसी ने नही गाया है, दूसरा जिस फिल्म से ये गीत है उसके हीरो हैं शोले के अहमद मियाँ, अरे वो ही जिन्हें गब्बर के गुर्गों ने मार दिया था।

चलिये अब जल्दी से क्लिप सुनिये और बताईये गीत कौन सा है?

गीत पहेली क्लिप:

Audio clip: Adobe Flash Player (version 9 or above) is required to play this audio clip. Download the latest version here. You also need to have JavaScript enabled in your browser.

Leave a Reply 2,082 views |

शायद आप इन्हें भी पढ़ना-सुनना पसंद करें

Follow Discussion

9 Responses to “गीत पहेली क्रमांक – २”

  1. dinkar Says:

    वाकई आज की पहेली कुछ आसान है.
    अखिंयों के झरोखे से कि इस प्यारे से थीम सांग के लिये तो किसी भी हिंट की ज़रुरत ही नहीं थी.

    इसे सुनकर मज़ा आया. हमारी भी कुछ यादें इस गीत के साथ जुड़ी हुईं हैं

  2. Rewa Smriti Says:

    Are ye kafi easy puch liya aapne :)
    Here it goes….”Ankhiyon ke jharokhe se tune dekha jo saanwre..”

    A suggestion : Jo sabse jyada sahi answer de 3 months mein uske liye prize bhi honi chahiye!

    Kaisa laga suggestion? ;)

  3. kunal Says:

    हेमलता …को पहचाना मुश्किल नहीं वैसे इस फ़िल्म को ही …हिंट कुछ अधिक ही आसान था..

  4. Tarun Says:

    @रेवा, हाँ उसके लिये ईनाम के तौर पर एक MP3 गीत ई-मेल से भेजा जा सकता है। सुझाव के लिये शुक्रिया। :)

    तालिका बनाने का मेरा पहले से ही ईरादा है लेकिन मैं कुछ ऐसा जुगाड़ ढूँढ रहा हूँ जिससे मुझे Manually कुछ ना करना पड़े। इसलिये अभी लगाया नही, कुछ नही मिला तो फिर वो ही करूँगा। उसके बाद ही MP3 गीत ईनाम में देने का नंबर आयेगा।

    दिनकरजी, आपने सही पहचाना, आपके लिये वैसे भी ये मुश्किल नही होना चाहिये था। संगीत के पारखी कान जो हैं आपके पास :)

    कुनाल, यू आर राईट

  5. Rewa Smriti Says:

    Tarun, haan ye inaam bhi theek rahega. Waise online inaam dene ka tarika bhi achha hai. ;)

  6. Rewa Smriti Says:

    Next paheli plz??

  7. mahesh Says:

    अंखियों के झरोखों से तूने देखा जो साँवरे

  8. Rafan Says:

    All this is nonsense and has no meaning at all. I suggest this to close.

Trackbacks

  1. अंखियों के झरोखों से तूने देखा जो साँवरे  

बड़ी देर कर दी, मेहरबाँ आते-आते

टिप्पणियों का शटर कुछ दिनों ही खुला रहता है। असुविधा के लिये हम से भूल हो रही है हमका माफी देयीदो, अच्छा कहो, चाहे बुरा कहो....हमको सब कबूल, हमका माफी देयीदो।