तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है
सन् १९८० में एक फिल्म आयी थी ‘आप तो ऐसे ना थे’, और इस फिल्म की सबसे बढ़िया बात थी ये गीत। खुबसूरत बोल, मीठी आवाजें और कर्णप्रिय संगीत। जी हाँ आपने सही पढ़ा आवाजें, इस एक गीत को तीन गायकों ने गाया था और हर गीत उतना ही मधुर। ये तीन आवाजें थीं - मोहम्मद रफी, मनहर उधास और हेमलता।
इस गीत को लिखा था इंदीवर ने, संगीत दिया था उषा खन्ना ने और ये गीत फिल्माया गया था दीपक पराशर, राज बब्बर और रंजीता के ऊपर। पहले आप इस गीत को पढ़िये फिर इन तीनों की अलग अलग आवाजों में सुनिये और बताईये कौन उन्नीस रहा कौन बीस।
मोहम्मद रफी का गाया गीत:
तू इस तरह से मेरी ज़िन्दगी में शामिल है,
जहाँ भी जाऊं ये लगता है तेरी महफिल है।ये आसमान ये बादल ये रास्ते ये हवा,
हर एक चीज़ है अपनी जगह ठिकाने से,
कई दिनों से शिकायत नहीं ज़माने से,
ये जिंदगी है सफर तू सफर की मंजिल है।तेरे बगैर जहाँ में कोई कमी सी थी,
भटक रही थी जवानी अँधेरी राहों में,
सुकून दिल को मिला आके तेरी बाहों में,
मैं एक खोई हुई मौज हूँ तू साहिल है।तेरे जमाल से रोशन है कायनात मेरी,
मेरी तलाश तेरी दिलकशी रहे बाकी,
खुदा करे कि ये दीवानगी रहे बाकी,
तेरी वफ़ा ही मेरी हर ख़ुशी का हासिल है।
Tu Is Tarah Se Mer…
मनहर और हेमलता के गाये गीत, गाने के बोल एक ही हैं:
तू इस तरह से मेरी ज़िन्दगी में शामिल है,
जहाँ भी जाऊं ये लगता है तेरी महफिल है।ये आसमान ये बादल ये रास्ते ये हवा,
हर एक चीज़ है अपनी जगह ठिकाने से,
कई दिनों से शिकायत नहीं ज़माने से,
ये जिंदगी है सफर तू सफर की मंजिल है।हर एक फूल किसी याद सा महकता है,
तेरे ख्याल से जागी हुई फिजायें हैं,
यह सब्ज़ पेड़ हैं या प्यार की दुआएं हैं,
तू पास हो की नहीं फिर भी तू मुकाबिल है।हर एक शय है मुहब्बत के नूर से रोशन,
ये रोशनी जो न हो तो ज़िन्दगी अधूरी है,
राह-ए-वफ़ा में कोई हमसफ़र ज़रूरी है,
यह रास्ता कहीं तनहा कटे तो मुश्किल है।
मनहर उधास की आवाज में हेमलता की आवाज में
Tu Is Tarah Se (Fe…
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Comments
हिन्दी चिट्ठाजगत में इस नये चिट्ठे का एवं चिट्ठाकार का हार्दिक स्वागत है.
मेरी कामना है कि यह नया कदम जो आपने उठाया है वह एक बहुत दीर्घ, सफल, एवं आसमान को छूने वाली यात्रा निकले. यह भी मेरी कामना है कि आपके चिट्ठे द्वारा बहुत लोगों को प्रोत्साहन एवं प्रेरणा मिल सके.
हिन्दी चिट्ठाजगत एक स्नेही परिवार है एवं आपको चिट्ठाकारी में किसी भी तरह की मदद की जरूरत पडे तो बहुत से लोग आपकी मदद के लिये तत्पर मिलेंगे.
शुभाशिष !
– शास्त्री (www.Sarathi.info)
चिट्ठा जगत में आपका स्वागत है।
तू इस तरह से मेरी ज़िन्दगी में शामिल है, वाह आपने कुछ बीते दिनों की याद दिला दी।
मथुरा कलौनी
है आवाज़ ज़िंदा ही सदा यादे रफी की महफूज है
पेशकश यह उनकी यादों को करे taazaa जो कोई फूल है
सुंदर प्रस्तुति से तारुफ़ हुआ आपका बहुत स्वागत है
मेरे ब्लॉग पर आप पधारें ऐसी चाहत है
Ye song kafi achhi hai or is film ko bhi kai baar dekh chuki hun…abhi kuch din pahle fir se dekha hai. Mujhe lakdi ki kathi…bahut bahut pasnd hai aur use gane mein ab bhi bahut achha lagta hai. Bachpan yaad aa jati hai.













बेहतरीन..आभार.