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ठुमक ठुमक पग दुमक कुंज मधु (अनकही) – पंडित भीमसेन जोशी

पंडित भीमसेन जोशी अपना सुर मिलाने हमसे बहुत दूर चले गये, आज इस पोस्ट के मार्फत उनको विनम्र श्रृद्धांजलि फिल्म अनकही के लिये गाये उनके इस विशेष गीत से। पंडितजी के बारे में मुझे कुछ मालूम नही था, और सबसे पहले उनके बारे में पता चला जब दूरदर्शन में पहली बार बजा “मिले सुर मेरा [...]

[ More ] January 25th, 2011 | 1 Comment | Posted in Classical |

दिल ढूँढता है फिर वो ही फुरसत के रात दिन

दुनिया के इस कोने से उस कोने तक मौसम की ऊठापटक जारी है और ऐसे ही इस साल के जाड़ों में हर सप्ताह पड़ने वाली बर्फवारी के बीच एक सुबह की खिली खिली धूप ने याद दिलायी, इस गीत की – दिल ढूँढता, है फिर वो ही, फुरसत के रात दिन। इस गीत को सुनते [...]

[ More ] January 22nd, 2011 | 1 Comment | Posted in Golden Melody, Happy Go Lucky |

दिल का दिया जला के गया

इस गीत का संगीत जितना मधुर है उतने ही मधुर इसके बोल है और वैसी ही खुबसूरती से इसे गाया गया है। १९६५ में एक फिल्म आयी थी आकाशदीप जिसे फणी मजूमदार ने निर्देशित किया था। धर्मेन्द्र, महमूद और नंदा के अभिनय से सजी इस फिल्म का संगीत दिया था चित्रगुप्त ने और गीत लिखे [...]

[ More ] November 17th, 2010 | 4 Comments | Posted in Golden Melody |

ऐ गम-ए-यार बता, कैसे जिया करते हैं

रील और रियल लाईफ की एक सफल जोड़ी अभिनीत एक बोर और फ्लॉप फिल्म से लिये गये इस गीत की एक यूनिक खासियत है। इस फिल्म को मैंने छुटपन में लखनऊ दूरदर्शन में देखा था, जब हम पहाड़ों से जाड़ों की छुट्टियों में निकलते थे। तब पहाड़ों में तो दूरदर्शन आता नही था और वो [...]

[ More ] October 31st, 2010 | 3 Comments | Posted in Filmy |

किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार

अभी अभी राजकपूर की आवाज यानि मुकेश साहेब की वर्षगाँठ निकली है और जिस तरह से मैंने अनजाने ही सही उनको गीत गाता चल में भूला सा दिया वैसे ही समय की कमी के चलते वर्षगाँठ में भी उनके गाये किसी गीत का जिक्र तक नही किया। आज जब थोड़ा वक्त मिला तो सोचा मुकेश [...]

[ More ] August 31st, 2010 | 4 Comments | Posted in Golden Melody, Happy Go Lucky |

राखीः मेरे भैय्या मेरे चंदा, फूलों का तारों का सबका कहना है

आज राखी है यानि रक्षा बंधन यानि भाई-बहन का पर्व, अन्य त्यौहारों की तरह हिंदी फिल्मों में राखी पर भी काफी गीत लिखे गये हैं। इन गीतों में भाई और बहिन के प्यार को, एक दूसरे के लिये इनकी भावनाओं को बड़ी सुन्दरता से दिखाया गया है। इनमें से कुछ गीत स्पेशियली राखी के ऊपर [...]

[ More ] August 24th, 2010 | 5 Comments | Posted in Golden Melody, Situational |

आँखों पर एक चर्चा: आँखों पर लिखे कुछ बेहतरीन हिंदी फिल्मी गीत – भाग १

मैंने पिछले एक पोल में पूछा था कि शरीर के किस अंग की तारीफ में लिखे गीत ज्यादा पसंद हैं और उसमें नंबर एक पसंद थी “आँखें (Eyes)“। आज से आगे की कुछ पोस्ट तक उन गीतों की बात करेंगे जो आँखों के ऊपर लिखे गये हैं या जिन गीतों में आँखों का जिक्र आता [...]

[ More ] July 23rd, 2010 | 3 Comments | Posted in Ek Shabd Sau Afsaane |

मैली चादर ओढ़ के कैसे

बचपन में जब हम सोते से उठते थे तो बड़े ही मीठे मीठे भजन सुनायी पड़ते थे, उनमें से एक था मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊँ। हालाँकि उम्र के उस पड़ाव में भजनों से उतना अटेचमेंट नही होता जितना उम्र के आखिरी दौर में लेकिन फिर भी कुछ भजन ऐसे थे जो [...]

[ More ] July 11th, 2010 | 2 Comments | Posted in Spiritual (Bhajan) |