जानिये माइक्रोसोफ्ट वर्ड में छुपा एक रहस्य

आज एक ऐसा रहस्य बता रहे हैं जिसका बिल्लू बादशाह को भी शायद पता ना हो, नौकरी के अपने शुरूआती दिनों में एक और ऐसे रहस्य का पता था जो माइक्रोसोफ्ट एक्सेल में छुपा था। वो तो अब याद नही लेकिन वर्ड के अंदर छुपा ये रहस्य फिर से हाथ लग गया।

इसे माइक्रोसोफ्ट वर्ड वर्जन २००७ में करके देखा है उसमें भी काम करता है इसलिये बहुत ज्यादा चांसेज हैं कि पुराने सभी वर्जन में भी इसे काम करना चाहिये। अब आप खुद करके देखिये -

१. सबसे पहले माइक्रोसोफ्ट वर्ड प्रोग्राम ओपन कीजिये

२. अब जो नया डोक्यूमेंट खुलता है (या खुला है) उसमें नीचे दिये गये शब्दों को टाईप कीजिये
=rand(200,99)

३. बस अब एंटर वाली कुंजी (ENTER) दबा दीजिये

और देखिये क्या का क्या हो जाता है, घबराईये नही आपके कंप्यूटर को कुछ नही होने वाला।

There is a hidden fact in microsoft word, it will be interesting to know if Bill gates himself is aware of this or not. Ok, do following to try yourself -

Open Microsoft word and in the new document type =rand(200,99) now press ENTER……..and see what happens and don’t worry it’s not going to harm your computer or software.

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ब्लोगर होस्टेड ब्लोगरस क्या आप अपने ब्लोग का नियमित बैकअप लेते रहते हैं, नही! तो जाने कैसे?

तकनीकी के मामले में सजग ब्लोगरस हो सकता है ये नियमित तौर पर करते हों लेकिन कई ब्लोगरस अपने ब्लोग का बैकअप नही लेते हैं। नियमित बैकअप लेने का फायदा यही है कि कभी आपकी कोई पोस्ट या पूरे ब्लोग में कोई समस्या आ जाती है तो आप आसानी से बैकअप वाली फाईल से पूरे का पूरा ब्लोग मिनटों में तैयार कर सकते हैं (पोस्टस में मिले कमेंट समेत)। बैकअप लेना और फिर उससे पोस्ट या पूरा ब्लोग रिस्टोर करना बहुत आसान है।

यहाँ बैकअप से मेरा मतलब ब्लोग के टेंपलेट से नही बल्कि कंटेंट यानि आपकी पोस्ट और उस पर मिली टिप्पणियों से है।

सबसे पहले देखते हैं कि बैकअप कैसे लेना है लेकिन उससे पहले मैं यही राय दूँगा कि आप अपने कंप्यूटर में एक डायरेक्टरी या फोल्डर बना लें, उदाहरण के लिये “my blog backup”, अगर आपने एक से अधिक ब्लोग हैं तो इसके अंदर हर ब्लोग के लिये सब-फोल्डर बना लें। फिर जब भी बैकअप लें तो उसे इसी एक जगह पर स्टोर करते जायें। हर बार के बैकअप को आप चाहें तो एक ही फाईल में ओवर राईट करते रहें या तारीख के हिसाब से नाम देकर save करके रखें।

बैकअप लेने के लिये ब्लोगर के अपने एकाउंट में लॉगिन करें और फिर सैटिंगस के टैब में क्लिक करें और उसके बाद बेसिक लिंक पर क्लिक करेंगे तो आपको सबसे पहले दिखायी देगा ब्लोग टूलस। इसमें बैकअप लेने के लिये Export Blog के लिंक पर क्लिक करें और ब्लोग या पोस्ट रिस्टोर करने के लिये Import Blog के लिंक पर क्लिक करें।

Export Blog के लिंक पर क्लिक करने पर ये डाउनलोड ब्लोग का बटन दिखायी देगा उस पर क्लिक करेंगे तो ब्लोगर आपके ब्लोग के बैकअप को xml फाईल के रूप में save करने को कहेगा। बस इसी फाईल में आपके ब्लोग का सारा डेटा है। बाद में पोस्ट या ब्लोग को रिस्टोर करने के लिये Import Blog के द्वारा इसी फाईल को सलेक्ट करना होता है।

अब अगर आपको एक ब्लोग के डेटा को दूसरे नये ब्लोग में ईंपोर्ट करना है तो
डेशबोर्ड से नया ब्लोग क्रियेट करें,


उसके बाद Advanced Options में Import Blog Tool पर क्लिक करें फिर वही Export की हुई फाईल सलेक्ट कर लें।

अगर आपको अपने किसी Existing ब्लोग में ये डाटा ईंपोर्ट करना है तो
इसके लिये जिस ब्लोग में ईंपोर्ट करना है उसके Settings | Basic टैब पर जाकर बेसिक टूल के सामने दिये Import Blog के लिंक पर क्लिक करें बाकि प्रोसेस वैसी ही है यानि कंप्यूटर में से xml फाईल सलेक्ट करके ईपोर्ट ब्लोग पर क्लिक।

ईंपोर्ट करने पर दो ओप्शन रहते हैं, एक ईंपोर्ट होने वाली सारी पोस्टस को उसी समय आटोमेटिक पब्लिश करें, उसके लिये आपको ईंपोर्ट ब्लोग के बटन से पहले दिये गये चेक बॉक्स को सलेक्ट करना होगा।

या फिर पोस्ट ईंपोर्ट करके एक-एक करके सलेक्ट करके पब्लिश करें, उसके लिये आप Posting | Edit Posts टैब में जाकर ये कर सकते हैं जहाँ आपकी ईंपोर्टेड पोस्टस ड्राफ्ट के रूप में पड़ी होंगी।

अगर अभी तक आप अपने ब्लोगस का बैकअप नही लिया करते हैं तो ये अब भी समय है कम से कम महीने में एक बार बैकअप ले लिया कीजिये। कुछ गढ़बढ़ होने पर इधर-उधर हाथ पैर नही मारना पड़ेगा।

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गुगल और याहू को टक्कर देने आ रहा है नया सर्च ईंजन Wolfram Alpha

मई २००९ को एक नये तरह का सर्च ईंजन और साईट लॉच होने जा रही है, नाम है वोल्फ्रेम अल्फा (Wolfram Alpha)। अब सवाल ये उठता है कि गुगल याहू समेत इतने सर्च ईंजन साईट पहले से मौजूद होने के बावजूद क्या एक और सर्च ईंजन की जरूरत है? क्या ये सर्च ईंजन गुगल को चुनौती दे सकता है? और वोल्फ्रेम अल्फा सर्च ईंजन गुगल से कैसे अलग है?

वोल्फ्रेम अल्फा की टैग लाईन है Computational Knowledge Engine, इससे एक बात तो पता चलती है कि ये गुगल से जुदा होगा। अभी तक की कहानी यही कहती है कि ये गुगल को या तो साईड लाईन कर देगा या पीछे छोड़ देगा। यही नही The Independent अखबार का मानना है An invention that could change the internet for ever। अब ये कितना सही हो सकता है ये तो इसके रीलिज पर ही पता चलेगा। इसे ये नाम इसके इंवेंटर Dr Stephen Wolfram के नाम पर दिया गया है। डा वोल्फ्रेम (अभी ४९) ने २० साल की उम्र में ही पार्टिकल भौतिकी (Particle Physics) में अपनी पीएचडी कंपलीट कर दी थी।

अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर इतना पता चलता है कि ये गुगल और विकीपीडिया का मिश्रित वर्जन उपलब्ध करायेगा। यानि कि हमारे सर्च के आधार पर ये उसका हल तो बतायेगा ही साथ में उससे जुड़ी जानकारी का एक पेज भी उपलब्ध करायेगा।

Wolfram Alpha will not only give a straight answer to questions such as “how high is Mount Everest?”, but it will also produce a neat page of related information – all properly sourced – such as geographical location and nearby towns, and other mountains, complete with graphs and charts.

The real innovation, however, is in its ability to work things out “on the fly”, according to its British inventor, Dr Stephen Wolfram. If you ask it to compare the height of Mount Everest to the length of the Golden Gate Bridge, it will tell you. Or ask what the weather was like in London on the day John F Kennedy was assassinated, it will cross-check and provide the answer. Ask it about D sharp major, it will play the scale. Type in “10 flips for four heads” and it will guess that you need to know the probability of coin-tossing. If you want to know when the next solar eclipse over Chicago is, or the exact current location of the International Space Station, it can work it out.

Dr Wolfram, an award-winning physicist who is based in America, added that the information is “curated”, meaning it is assessed first by experts. This means that the weaknesses of sites such as Wikipedia, where doubts are cast on the information because anyone can contribute, are taken out. It is based on his best-selling Mathematica software, a standard tool for scientists, engineers and academics for crunching complex maths.

वोल्फ्रेम अल्फा रिसर्च लाइब्रेरी, ग्राफिंग केलकुलेटर और सर्च ईंजन का मिश्रण है, अभी पिछले दिन इसका डेमो कुछ चुने लोगों को दिया गया और उनकी माने तो वोल्फ्रेम एल्फा में दम तो है। अभी ये आम जनता के लिये काम नही कर रहा, सिर्फ इनवीटेशन पर उपलब्ध है और उसके लिये आप उन्हें संपर्क कर सकते हैं, Wolfram Alpha साईट ये है और इसका ये विडियो देखकर ये पता चल जायेगा ये कैसे काम करता है -

अधिक जानकारी नीचे दिये गये लिंकस पर उपलब्ध है -

  • Wolfram Alpha shows data in a way Google can’t
  • An invention that could change the internet for ever
  • Wolfram Blog
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    अपने कंप्यूटर के डैस्कटॉप के सारे आइकन कैसे हाइड करें

    आज जो ट्रिक बता रहा हूँ वो बहुत आसान है और कई बार जानते हुए भी इसको करने का ध्यान नही आता। अगर आप भी मेरी तरह हैं जो किसी भी प्रोग्राम को रन करने के लिये एक शोर्टकट आइकन (shortcut icon) डैस्कटॉप यानि स्क्रीन में जरूर रखते हैं तो आपके डैस्कटॉप का हाल भी वैसा ही होगा जैसा मेरा। अगर फिर किसी दिन अपने डैस्कटॉप को आप कोई अच्छी सी तस्वीर लगा (वॉलपेपर के रूप में) सजाना चाहेंगे तो वो कुछ ऐसी नजर आयेगी जैसे नीचे के चित्र में।

    वास्तव में होता ये है कि इतने शोर्टकट होने के बावजूद ज्यादातर उपयोग में आने वाले प्रोग्राम २-४ ही होते हैं और ये आइकन यूँ ही पड़े रहते हैं। दूसरी प्रोब्लम आती है इस भीड़ में उन आइकनस को ढूँढने की। ज्यादातर प्रोग्राम जो ज्यादा उपयोग में आते हैं उनके मेनु लिंक या मेनु आइकन स्टार्ट मेनु पर क्लिक करते ही सबसे पहले नजर आते हैं। अब अगर हम अपनी लगायी तस्वीर को ठीक से देखना चाहें तो हमें ये सारे शोर्टकट हटाने (delete) पड़ेंगे लेकिन इन्हें बिना हटाये छुपाने का एक आसान तरीका है। उसे उपयोग में लाकर आप दोनों का आनंद उठा सकते हैं, जब दिल किया आइकन छुपा फोटो के मजे लिये और अगर कभी आइकन की जरूरत हुई तो उन्हें दिखा दिया।

    इसके लिये आप अपने डैस्कटॉप की खाली जगह पर कहीं पर भी राइट क्लिक करें, एक मेनु नजर आयेगा, इसमें आप अरेन्ज आइकन्स बाय वाले लिंक पर माउस ले जायें या क्लिक करें जो सब मेनु नजर आयेगा उसमें एक आप्शन दिखायी देगा – शो डैस्कटॉप आइकन। अगर आपके डैस्कटॉप पर आइकन दिखते हैं तो इसके आगे आपको सही का निशान दिखायी देगा। बस इसी मेनु लिंक पर एक बार क्लिक कर लें, सही का निशान हट जायेगा और थोड़े सैकेंडस में आपका डैस्कटॉप क्लिन नजर आयेगा फोटो फ्रेम की तरह। और अब आप डैस्कटॉप पर लगी तस्वीर के मजे उठा सकते हैं। आइकन छुपा के मेरा डैस्कटॉप कुछ ऐसा नजर आने लगा -

    आप में से जिन्हें ये नही पता कि डैस्कटॉप में तस्वीर कैसे लगायेंगे उनके लिये -
    डैस्कटॉप यानि कंप्यूटर स्क्रीन पर राइट क्लिक कीजिये और उसके बाद प्रोपर्टीज (properties) के लिंक पर क्लिक करें, इससे एक विंडो ओपन होगी। उसमें डैस्कटॉप के टैब पर क्लिक करें, ये विंडो ऐसी नजर आयेगी

    बस इसमें ब्राउज के बटन पर क्लिक करके अपनी मनपसंद फोटो सलेक्ट करके ओके कर दें, फोटो डैस्कटॉप पर दिखने लगेगी। फोटो जिस पोजिशन में लगाना चाहते हैं वो पोजिशन के ड्राप डाउन में सलेक्ट कर सकते हैं।
    [note]ये मेनु लिंक विंडोज एक्सपी के हिसाब से बतायें हैं, अगर आप के कंप्यूटर में पुराना कोई ओपरेटिंग सिस्टम है तो शायद मेनु आगे पीछे हों लेकिन उनके नाम यही होने चाहिये।[/note]

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