27 Jan
Posted as HTML/CSS/Web sites, Tips & Tricks, Java Script
Tags:HTML/CSS/Web sites, Java Script, Tips & Tricksमनीषा ने चिट्ठाकार ग्रुप में पूछा कि ये कैसे कर सकते हैं तो मैने सोचा क्यों ना डिटेल में ये बताया जाय। मेरे जानकारी के अनुसार ये सबसे उत्तम और कारगार तरीका है नये पेज को खोलेने का।
किसी भी लिंक को नये पेज में खोलने के लिये सबसे आसान उपाय है Target टैग का इस्तेमाल करना। मान लीजिये आप चाहते हैं कि “फलाने ने ये कहा”, इस पर क्लिक करने पर आप नये पेज में उस पोस्ट को दिखाना चाहते हैं जहाँ “फलाने” ने कुछ कहा है। इसका साधारण और सीधा उपाय है कि इसे ऐसे लिखा जाय,
<a href=”phalane ki post ka link” target=”_blank”>फलाने ने ये कहा</a>,
ये सीधे नये पेज पर खुलेगा। अब मान लीजिये आप नये पेज को कुछ अलग तरीके से थोड़ा कंट्रोल करके दिखाना चाहते हैं, जैसे आप नही चाहते हैं कि वो पूरा खुले, ब्राउजर का ना टूलबार दिखे ना एड्रैस बार इत्यादि, इसके लिये तरीका है जावा स्क्रिप्ट। तो उसी “फलाने की पोस्ट का लिंक” हम इस तरीके से कैसे खोलेंगे। उसके लिये आपको ये कोड उपयोग में लाना होगा,
<a href=”#” onClick=”window.open(’phalane ki post ka link’,'_blank’,'width=500,height=400,left=200,top=200,scrollbars=yes, toolbar=no,resizable=no’); “>फलाने ने ये कहा</a>
यानि कि लिंक पर क्लिक करने पर आप नयी विंडो खुलवा रहे हैं, जिसमें सबसे पहले आप देंगे उस पोस्ट या साईट का लिंक फिर बतायेंगे कि नयी ब्लैंक विंडो खोले और उसके बाद उस नयी विंडो की डिटेलस यानि कि क्या साईज हो स्क्रोलबार हो या ना हो, टूलबार हो या ना हो, उसको कोई रिसाइज कर पाये या नही इत्यादि।
अब लेकिन यहाँ कुछ समस्यायें हैं, पहली मान लीजिये आपने फलाने की लिंक के तुरंत बाद हमारी साईट का लिंक दे दिया, कुछ शब्दों के बाद 5-6 और लिंक दे दिये। उससे क्या होगा कि पढ़ने वाला अगर हर लिंक पर क्लिक करेगा तो उसका डेस्कटॉप नये नये पेजों से भर जायेगा। दूसरी समस्या ये है कि मान लीजिये पढ़ने वाले ने अपने ब्राउजर में जावा स्क्रिप्ट को डिसेबल करके रखा है उससे होगा ये कि आपकी ये स्क्रिप्ट काम नही करेगी और आपका ही पेज बार बार खुलेगा। इसलिये अब इन दोनों समस्याओं से निपटने की बात करते हैं।
पहली समस्या का आसान उपाय है, Target टैग यानि Target टैग में “_blank” कहने के बजाय कोई एक नाम दे दें, उदाहरण के लिये “popup”। उसके बाद जितने भी लिंक दे उनमें Target टैग समान रखें। जैसे,
<a href=”phalane ki post ka link” target=”popup”>फलाने ने ये कहा</a>, <a href=”Tarun ki post ka link” target=”popup”>तरूण की साईट अति उत्तम</a>
![]()
अब अगर एक popup पेज पहले से ही खुला है तो बाकि के लिंक उसी पर खुलते जायेंगे। दूसरी समस्या का ईलाज भी आसान ही है, बस थोड़ा अतिरिक्त कोड लिखना होगा। अपने लिंक को कुछ ऐसे लिखिये,
<a href=”post ka link” target=”popup” onClick=”return !window.open(this.href,’popup’,'width=500,height=400,left=200,top=200,scrollbars=yes, resizable=no’); “>फलाने ने ये कहा</a>
ऊपर के और इस नये कोड में जो अंतर है वो बोल्ड में दिखायी देगा। अब अगर जावा स्क्रिप्ट ईनेबल है तो लिंक नये पेज में आपके दिये गये साईज के हिसाब से खुलेगा और अगर जावा स्क्रिप्ट डिसेबल है तो भी नये ब्राउजर में लिंक खुलेगा लेकिन इसबार जावा स्क्रिप्ट के कोड की जगह पर HTML कोड (यानि href ) ये काम करेगा। बस आपके विंडो को कंट्रोल करने के जो डिटेल थे वो काम नही करेंगे। इस कोड के साथ अभी भी एक प्रोब्लम है कि जो नये विंडो ओपन होते हैं (पहली बार नही, उसके बाद), वो मुख्य विंडो के पीछे चले जाते हैं। इसके लिये उपयोग में आता है एक दूसरा जावा स्क्रिप्ट कमांड जो है window.focus()।
<a href=”post ka link” target=”popup” onClick=”newwind=window.open(‘post ka link’,’popup’, ‘width=500,height=400,left=200,top=200,scrollbars=yes, resizable=no’); newwind.focus(); return false; “>फलाने ने ये कहा</a>
उदाहरणः काकेश को नराई बुधवार को लगती है, साथ में ये भी बता दूँ घुघूती और बासूती दो नही बल्कि एक ही महिला ब्लोगर का नाम है।
अगर आप ऊपर दिये गये लिंक पर क्लिक करेंगे तो ये एक ही विंडो में खुलेंगे, जहाँ पहले दो लिंक उन शब्दों के अर्थ बतायेंगे वहीं तीसरे लिंक में दिये शब्द का अर्थ शब्दकोश में नही मिलेगा। अगर आपको ये लिंक छोटी विंडो में दिखायी देते हैं इसका मतलब है कि आपकी जावा स्क्रिप्ट ईनेबल है। अगर आप ये देखना चाहे कि ऊपर दिये गये लिंक जावा स्क्रिप्ट के डिसेबल होने पर कैसे खुलेंगे तो उसके लिये आप अपने ब्राउजर में Tools के Menu पर क्लिक कीजिये, फिर Internet Options… (सबसे आखिर में हो सकता है दिखे)। अब जो नयी विंडो खुलेगी उसमें Security के टैब (दूसरे नंबर का) पर क्लिक कीजिये फिर नीचे दिये गये बटन जिसमें Custom Level लिखा हो उस पर क्लिक कीजिये।
देबाशीष ने इसके लिये इस स्क्रिप्ट का लिंक दिया है, उनके शब्दों में,
“मैंने इस्तेमाल कर के नहीं देखा पर काम की लगती है, प्रयोक्ताओं को एक चेकबॉक्स द्वारा कड़ियाँ नये विंडो में खोलने का विकल्प भी है और यह सुविधा भी कि केवल आफसाईट यानी आपके ब्लॉग के बाहर की कड़ियाँ ही नये विंडो में खुलें। भीतरी कड़ियाँ साधारण रूप से ही खुलें।”
मैने भी ये स्क्रिप्ट देखी नही है लेकिन अमित ने इसे टेस्ट करके ये निष्कर्ष निकाला है,
“यह जावास्क्रिप्ट काम तो कर रही है देबू दा और इसमें विकल्प भी है कि चैकबॉक्स न देकर ऑटोमैटिकली ही अन्य वेबसाइटों के लिंक नई खिड़की में खुलें।”
चेतावनीः वैसे तो इस तरह की स्क्रिप्ट से कुछ खासी परेशानी या समस्या तो नही होनी चाहिये लेकिन अगर ठीक जानकारी ना हो तो समस्या आ सकती है। देबू और अमित दोनों तकनीक के जानकार हैं इसलिये जो उनके लिये आसान है जरूरी नही कि आप के लिये भी आसान हो अगर आप इस क्षेत्र में दखल नही रखते।
7 Responses
kakesh
January 27th, 2008 at 6:52 am
1अच्छी जानकारी. धन्यवाद.
उन्मुक्त
January 27th, 2008 at 9:38 am
2माफ कीजियेगा, मुझे आपकी बात कम समझ में आयी। शायद इसलिये कि मैंने इंटरनेत एक्सप्लोरर पर कभी काम नहीं किया।
मैं फायरफॉक्स पर काम करता हूं। लिंक पर, माउस रखो - दहिना चटका लगाओ, तो वह पूछता है कि टैब में खोलना चाहते हैं या नये विन्डो में। जैसा चाहो वैसा खोल लो। कभी तो कभी यह मुश्किल ही नहीं हुई। यह अप्रसांगिक है कि लिंक के लिये क्या कोड लिखा गया है।
सागर चन्द नाहर
January 27th, 2008 at 3:48 pm
3यह तरीका तो बहुत लम्बा है।
सबसे बढ़िया आसान उपाय उनमुक्त भाई साहब ने बताया है। मैं भी ऐसा ही करता हूँ लिंक पर राईट कर Open in New Tab कर नई खिड़की में खोल लेता हूँ, इससे बार बार ब्राऊजर नहीं खुलता। एक ही ब्राऊजर में कई खिड़कियाँ खुल जाती है।
और हाँ यह तरीका IE7 और फायरफॉक्स दोनों में काम करता है।
Tarun
January 27th, 2008 at 7:48 pm
4@सागर, @उन्मुक्त जी,
आप जो कह रहे हैं वो सच है और ये दोनो ब्राउजर में भी काम करता है। लेकिन इस तरीके में यूजर के ऊपर डिपेंड रहना पड़ता है, अगर उसने राइट क्लिक करके ओपन किया तो ठीक, नही तो नया लिंक आप जो पेज पढ़ रहे थे उस विंडो के ऊपर ही खुलेगा यानि कि यूजर आपकी साईट छोड़ देगा। दूसरा टैब में ओपन करने की जो बात आपने कही है वो सुविधा फायरफोक्स या इंटरनेट एक्सप्लोरर के नये वर्जन में ही उपलब्ध है। मैं भी कई बार इसे उपयोग में लाता हूँ। लेकिन हर कोई इस तरह से नये लिंक ओपन नही करता।
ये लेख नये विंडो को एक मैसेज बॉक्स की तरह छोटा करके कैसे खोलें ये तो बताता ही है साथ में सारे लिंक एक ही विंडो में कैसे खोले जा सकते हैं, इस में प्रकाश डालते हैं। लेकिन अभी भी ७०-८० प्रतिशत यूजर लिंक पर सीधे क्लिक ही करते हैं। इस तरह के तरीके का मुख्य उपयोग ये भी होता है कि ये कोड जो मैने बताया है वो आप सीधे पेज लोड में भी उपयोग में ला सकते हैं।
Tarun
January 27th, 2008 at 7:49 pm
5सागर भाईसा,
तरीका लंबा नही है, बहुत सारे तरीके हैं
amit
January 27th, 2008 at 9:56 pm
6जैसे निर्देश स्क्रिप्ट वाले पन्ने पर दिए गए हैं यदि उनको माना जाए और स्क्रिप्ट में सबसे ऊपर जो निर्देश हैं उनको माना जाए तो आराम से स्क्रिप्ट का प्रयोग किया जा सकता है, कोई दिक्कत नहीं होगी।
स्क्रिप्ट में कोई बदलाव नहीं करना सिवाय बताई गई जगह पर अपने ब्लॉग का पता लगाने के ताकि स्क्रिप्ट आपके ब्लॉग के और अन्य वेबसाइटों के लिंक में फर्क कर सके।
ऑपरा में भी है ये सुविधा तरूण भाई!!
और जो लोग Maxthon अथवा AvantBrowser जैसे जुगाड़ प्रयोग करते हैं IE के मजे और फायरफॉक्स जैसी सुविधाओं के लिए तो उनको लाभ यह है कि सभी नई खिड़की वाले लिंक नए टैब में ही खुलते हैं, कोई टेन्शन नहीं!!
सागर जी, उपाय पढ़ने में कठिन लग सकता है लेकिन फिर एक ही बार की मेहनत है!
Tarun
January 28th, 2008 at 5:29 am
7अमित, अपन सिर्फ Firefox और Internet Explorer ही उपयोग में लाते हैं, अच्छा किया आपने ओपेरा का भी बता दिया। धन्यवाद
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